अब अवैध कॉलोनी में किसी भी टेंडर से पहले तहसीलदार से लेनी होगी अनुमति, तहसीलदार की अनुमति के बाद निगमायुक्त देंगे हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम में टेंडर के नाम पर होने वाले गोल-माल पर निगमायुक्त ने शिकंजा कसा है। किसी भी अवैध कालोनी में टेंडर के आवंटन से पहले तहसीलदार की अनुमति लेनी होगी। इसके बाद निगमायुक्त खुद फाइल देखेंगे। निगमायुक्त के अनुसार बहुत से काम का टेंडर हुआ और भुगतान हुआ, लेकिन मौके पर समस्या जस की तस है।
कई कालोनियों के लोग निगमायुक्त के पास अपनी समस्या को लेकर आ रहे हैं, वे समाधान के लिए टेंडर आवंटन की बात पूछ रहे हैं। इस पर निगमायुक्त अब उन्हें मौके पर अधिकारी भेजने का भरोसा दे रहे हैं। निगमायुक्त ने सबसे पहले एक आदेश जारी किया है कि कोई भी अवैध कालोनी है अगर उसमें टेंडर आवंटित किया जाता है तो सबसे पहले तहसीलदार की अनुमति होगी। बाद में वह फाइल उनके पास जाएगी। इसके बाद टेंडर आवंटित होगा। वहीं जहां पर काम की आवश्यकता है वहीं पर टेंडर आवंटित होगा। कागजों में तो नगर निगम का बहुत विकास हुआ है पर धरातल पर हकीकत कुछ और है।
कार्य की आवश्यकता व पारदर्शिता के चलते नियमानुसार ही टेंडर का आवंटन किया जाएगा। इस बावत उन्होंने इंजीनियरिंग विंग के सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया है।
प्रदीप डागर, आयुक्त नगर निगम, पानीपत।