सरपंच पर सामान खरीद में घपले का आरोप, नोटिस जारी
-आवश्यकता से अधिक खरीदे स्टार्टर, श्मशान की चहारदीवारी के लिए खरीदीं ईंटों के रेट में अंतर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मनाना गांव के सरपंच पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सामान खरीद में घपले का आरोप लगा है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में सरपंच को दोषी करार देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अगर सरपंच की ओर से कोई संतोषपूर्ण जवाब नहीं दिया तो डीसी उनको सस्पेंड कर केस दर्ज करने के आदेश दे सकती हैं। कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसडीएम को पूरे मामले की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों पर ये जांच की गई है।
एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सरपंच सोनिया ने जो ईंट व सीमेंट श्मशान की चहारदीवारी बनाने में इस्तेमाल की है उसकी गुणवत्ता में कमी है। ईंटों के रेट में भी 15 हजार 930 रुपये का अंतर है। सरपंच ने इस पर 27 हजार 930 रुपये खर्च किए हैं। सरपंच ने सबमर्सिबल के सामान खरीदने में भी घपला करते हुए लेटर को पंचायती राज विभाग से सत्यापित नहीं करवाया है। लोक अदालत के केस में दो बार फीस दी है। इंतकाल को निर्धारित फीस से अधिक फीस देकर निकलवाया है। पंचायत घर में जो विद्युत का सामान इस्तेमाल हुआ है वो सरकार द्वारा अनुमोदित कंपनी का नहीं है। इसके अलावा सरपंच ने जरूरत से अधिक स्टार्टर भी खरीदे हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर एसडीएम ने सरपंच को दोषी करार देकर नोटिस जारी कर दिया है। वहीं इस बारे में सरपंच से कई बार बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस बारे में डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि जांच रिपोर्ट आ चुकी है।