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अब गरीबों को खानी होगी बिना तड़के की दाल, सरकार ने बंद किया डिपो पर मिलने वाला सरसों तेल

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अब जिले के 49 हजार राशन कार्ड धारकों को सरसों के तेल के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी। क्योंकि अब राशन डिपो से मुफ्त में मिलने वाला दो किलोग्राम सरसों का तेल नहीं मिल पाएगा। सरकार ने इसे बंद कर दिया है। इसके लिए विभाग की तरफ से पत्राचार किया गया है, जिसमें बताया गया है कि जून में सरसों के तेल की सप्लाई डिपो पर नहीं हो पाएगी। इसका कारण हैफेड के पास सरसों न होना बताया गया है, जिस कारण सरसों के तेल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे सबसे बड़ी मुश्किल जरूरतमंद परिवारों को होगी। इससे पहले सरकार डिपो पर मिलने वाला नमक भी बंद कर चुकी है। वहीं, अबकी बार गर्मी के मौसम में गेहूं की कटौती की गई है। गेहूं की बजाए अब दो किलोग्राम बाजरा दिया जा रहा है। इससे जिले भर के राशनकार्ड धारकों में रोष बना हुआ है। दूसरी ओर पानीपत डिपो यूनियन के प्रधान कन्हैया कुमार का कहना है कि सरकार ने जून में सरसों तेल बंद किया है, लेकिन अभी तक ये स्थिति स्पष्ट नहीं है कि आगे भी तेल मिलेगा या नहीं। वहीं, अभी तक ये सूचना मिली है कि सरकार प्रति बीपीएल राशन कार्ड होल्डर को तेल की एवज में 260 रुपये महीना देगी। बता दें कि जिले में 41 हजार बीपीएल और 8 हजार गुलाबी राशन कार्ड धारक हैं।
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मौजूदा समय में मार्केट में सरसों तेल की कीमत 180 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति लीटर की है। इस हिसाब से दो लीटर तेल के लिए लोगों को 400 रुपये तक खर्च करने होंगे। जरूरतमंद और बीपीएल राशन कार्ड धारकों का कहना है कि कोरोना काल में लोगों के काम धंधे छूट गए हैं। सरकार को ऐसे समय लोगों की मदद करनी चाहिए थी, उल्टा ऐसे नियम बनाकर लोगों को परेशान करने का काम किया जा रहा है।
नारनौल में हैफेड गोदाम मे आग लग जाने की वजह से आपूर्ति बाधित हुई है। अब यह तय नहीं है कि आगे इसे शुरू किया जाएगा या नहीं। वहीं सरकार की ओर से बीपीएल कार्ड धारकों के खाते में करीब 260 रुपये देने की योजना बनाई जा रही है।
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- सुभाष सिहाग, डीएमएससी, पानीपत
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