13 साल की नाबालिग से रेप के मामले में समझौता न करने पर परिजनों से एसआई ने की मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हरिनगर की 13 वर्षीया दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के मेडिकल के दौरान परिजनों ने सामान्य अस्पताल में बवाल मचा दिया। जांच अधिकारी एसआई सरोज पर पीटने और समझौता करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। महिला पुलिसकर्मी किशोरी के परिजनों को अस्पताल परिसर में भी धमकाती हुई नजर आई। परिजनों ने मीडिया बुलाई तो महिला पुलिसकर्मी मेडिकल के दौरान ही एमरजेंसी से बाहर चली गई।
किशोरी के चाचा ने बताया कि शुक्रवार को एसआई सरोज ने किशोरी को लघु सचिवालय में बुलाया था। वह किशोरी और परिवार के अन्य सदस्यों संग लघु सचिवालय पहुंच गया। वहां एसआई सरोज साथी पुलिसकर्मी ने उन्हें समझौता करने के लिए कहा। समझौते की एवज में एक लाख रुपये मिलने की बात कही। परिजनों ने एक लाख रुपये में इज्जत बेचने से इंकार कर दिया तो महिला पुलिसकर्मी तैश में आ गई। उन्हें वहीं पर धमकाने लगी। किशोरी को लेकर अस्पताल पहुंचने की बात कही। एसआई सरोज साथी पुलिसकर्मी संग स्कूटी पर सवाह होकर लघु सचिवालय के मुख्य गेट के पास रूक गई। किशोरी, उसका चाचा और अन्य परिजन पैदल गेट पर आए तो महिला पुलिसकर्मी दोबारा उनके ऊपर भड़क गई। चाचा ने पैदल अस्पताल पहुंचने में थोड़ा समय लगने की बात कही तो एसआइ सरोज ने ने एकाएक चार-पांच तमाचे जड़ दिए। वर्दी की धौंस दिखाते हुए कार्रवाई में कसक निकालने की बात कही। इसके बाद वह अन्य पुलिसकर्मी संग स्कूटी पर अस्पताल चली गई।
कोई बात नहीं होती, यें तो मेरे भी ला दे है :
साथी पुलिसकर्मी अस्पताल में महिला पुलिसकर्मी के दोबारा धमकाने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मामला बिगड़ता देख एसआइ सरोज के साथ आई अन्य महिला पुलिसकर्मी ने समझाने की कोशिश की। परिजनों ने थप्पड़ मारना गलत बताया तो उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों को दिलासा देने के लिए मैडम का दिमाग गर्म होने की बात कही। परिजनों से कहा कि मैडम को गुस्सा आ गया होगा, यें तो छो मै मेरे भी ला दें है। कोई बात नहीं होती।