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न्यायालय में विचाराधीन तलाक के केस के दौरान पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगा ससुराल पहुंची

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न्यायालय में विचाराधीन तलाक के केस के दौरान पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगा ससुराल पहुंची
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ससुराल पक्ष द्वारा दरवाजा ना खोलने पर बैरंग लौटी
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। पति पत्नी के बीच तलाक को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है। इसी दौरान पिछले 5 साल से अपने मायके रह रही पत्नी को पता लगा कि उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है। इसलिए अपने परिजनों को लेकर मतलौडा में अपनी ससुराल आ पहुंची। लेकिन ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला तो महिला ने हैल्प लाईन नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया और ससुराल वालों के घर में घुस कर दूसरी पत्नी की घर में तलाश करने के लिए कहा तो मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने साफ जवाब दिया कि बिना अदालत के आदेश के पुलिस किसी के घर की तलाशी नहीं ले सकती और बिना किसी सबूत के किसी को भी किसी की पत्नी नहीं कहा जा सकता। पुलिस के समझाने के बाद महिला सहमत हो गई और तलाशी के अदालत के आदेश लाने के लिए वापस अपने मायके गोहाना परिजनों के साथ लौट गई।
महिला ने बताया कि दस साल पहले उसकी शादी हुई थी। 9 साल का एक बेटा पिछले 5 साल से उसके साथ मायके में ही रह रहा है। उसके तलाक का केस अदालत में चल रहा है। उसे पता लगा कि उसके पति ने दो माह से दूसरी शादी की हुई है और अपनी दूसरी पत्नी के साथ घर में रह रहा है। यही देखने के लिए पत्नी परिजनों के साथ अपने ससुराल शुक्रवार शाम को करीब 5 बजे आई थी, लेकिन ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला, लेकिन कानून का उल्लंघन करने से पुलिस ने मना कर दिया और घर की तलाशी लेने के लिए अदालत के आदेश लाने की नसीहत दी। इस पर महिला सहमत हो गई और वापिस लौट गई।
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इस सम्बंध में पति ने कहा कि वह सरकारी नौकरी पर है। तलाक होने से पहले वह दूसरी शादी करने की गलती नहीं कर सकता और ना ही दूसरी शादी करने के लिए सोचा है। पत्नी उसके माता पिता से दूर रहना चाहती थी। इसलिए वह अपने माता पिता से भी अलग रहने लगे। इसके बाद भी उनके एक दूसरे विचार भिन्न रहे और पत्नी अपने मायके जाकर रहने लगी। परेशान होकर उसने अदालत में तलाक का केस दायर कर दिया जो विचाराधीन न्यायालय है।
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इस संबंध में मतलौडा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि अदालत में तलाक का केस विचाराधीन है। इसी दौरान महिला अपने पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाकर ससुराल पक्ष के घर की तलाशी पुलिस की मदद से लेना चाहती थी। बिना अदालत के आदेश के पुलिस किसी के घर की तलाशी नही ले सकती। उन्होने महिला को घर की तलाशी लेने के लिए अदालत के आदेश लाने की बात कही है। जिससे महिला भी सहमत हो गई और वापिस अपने मायके लौट गई।
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