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Panipat News: हड़ताल के चलते हड्डी रोग की ओपीडी में 40 फीसदी कमी

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पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत जिले के 350 एनएचएम कर्मचारी 14 दिन से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते हड्डी रोग की ओपीडी में 40 फीसदी की कमी आई है। इसके साथ ही एंबुलेंस, फिजियोथैरेपी, टीकाकरण, एसएनसीयू व प्रसूति वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हैं।
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उल्लेखनीय है कि हड़ताल में 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क, डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। वीरवार को भी एनएचएम के 10 कर्मचारी भूख हड़ताल पर रहे। इनमें पांच महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सिविल सर्जन को स्वास्थ्य सेवाएं चालू रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित है। जिला नागरिक अस्पताल से गर्भवतियों को एंबुलेंस तो मिल रही है कि फील्ड में एंबुलेंस सेवा बंद हैं। एनएचएम के अंतर्गत एंबुलेंस पर तैनात 25 चालक हड़ताल में शामिल हैं।
एंबुलेंस सेवाओं को चालू रखने के लिए हरियाणा विकास कौशल निगम से पांच चालक को तैनात किया गया है, लेकिन यह जिला नागरिक अस्पताल से ही एंबुलेंस का संचालन कर रहे हैं। हड्डी रोग ओपीडी भी हड़ताल के कारण प्रभावित है। हड्डी रोग ओपीडी में 40 प्रतिशत तक की कमी आई। कई सर्जरी अब तक अटकी हुई हैं। फिजियोथैपी विंग 13 दिन से बंद हैं। उधर स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को विभिन्न दलों द्वारा समर्थन देने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में इनेलो नेता वैभव देशवाल बसपा नेताओं के साथ धरने पर पहुंचे। इन्होंने यहां एनएचएम कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं। वैभव देशवाल ने कहा कि इनेलो नेता अभय चौटाला हमेशा स्वास्थ्य कर्मचारियों की आवाज विधानसभा में उठाते रहे हैं। इनेलो-बसपा की सरकार बनते ही उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि सरकार का उनके प्रति रुख सही नहीं है। सरकार को उनकी मांगे माननी चाहिए। इसलिए हड़ताल का अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। उनकी हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा दी जाए।
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