माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में कोरोना संक्रमण के केसों में लगातार कमी आ रही है। शनिवार को राहत भरी बात ये रही कि 69 दिन बाद एक दिन में कोरोना से सबसे कम 25 लोग संक्रमित मिले हैं। इन सबको होम आइसोलेट कर दिया गया है। लेकिन कोरोना से हो रही मौत लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। शनिवार को भी तीन लोग कोरोना से जिंदगी की जंग हार गए। जन सेवा दल ने शिवपुरी में शवों का अंतिम संस्कार किया।
एल्डिको के 67 साल के इंद्र कुमार भाटिया, मॉडल टाउन के 69 साल के अशोक कुमार और हरिनगर की 43 साल की संतरो की कोरोना से मौत हो गई। इनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मई में अब तक कोरोना से 235 लोगों की मौत हो चुकी है। मई में हर रोज औसतन आठ लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इनकी मौत का मुख्य कारण फेफड़े में संक्रमण बताया गया है। जिले में अब तक कोरोना से 464 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को कोरोना से 58 लोग ठीक हुए हैं। अब जिले में एक्टिव रोगियों की संख्या 920 है। इनमें से 228 रोगियों का सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब जिले में पॉजिटिविटी रेट तीन प्रतिशत रह गया है। शनिवार को रिकॉर्ड 1839 लोगों ने अपनी जांच कराई है। जिले में कोरोना के रोगियों की संख्या 30722 हो चुकी है।
गांवों में कैंप लगाकर कोरोना जांच की शुरू
अब स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में कोरोना के जांच के लिए कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को नौल्था पीएचसी के अंतर्गत गांव डाहर में कैंप लगाकर लोगों की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग का इसके पीछे लक्ष्य उन लोगों तक पहुंचना है, जो कोरोना के लक्षण मिलने पर भी जांच नहीं कराते हैं। लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक करना विभाग का लक्ष्य है।
जिले में 1213 लोगों ने लगवाई वैक्सीन
जिले में शनिवार को 1213 लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। 18-44 के बीच के 564 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। 45 साल से अधिक 375 लोगों ने पहली और 274 ने दूसरी डोज लगवाई है। विभाग की कोशिश के बाद भी वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। विभाग के पास वैक्सीन की कमी साफ दिखाई दे रही है। डॉ. मनीष पासी ने कहा कि लोगों से अपील है कि वे वैक्सीन जरूर लगवाएं। खुद भी वैक्सीन लगवाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
लोगों से अपील है कि वे अपने घरों में रहे। वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। जागरूक रहने के साथ ही संयम और पॉजिटिव सोच रखें। एक्टिव रोगियों की संख्या तेजी से कम हो रही है। नए केस भी पहले के मुकाबले कम हुए हैं। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन पानीपत।