फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: 2800 बच्चों पर हैं 24 कमरे, मॉडल संस्कृति में 6 विषयों के शिक्षक नहीं

Tue, 25 Aug 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
राजकीय स्कूल तहसील कैंप का प्रवेश द्वार।
विज्ञापन
रवींद्र नैन
विज्ञापन

पानीपत। कैसी है पाठशाला अभियान के पहले दिन सोमवार को शहर के दो प्रमुख राजकीय स्कूलों की पड़ताल में कई कमियां सामने आईं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तहसील कैंप में करीब 2800 विद्यार्थियों के लिए कमरों की कमी के कारण दो शिफ्ट में कक्षाएं लग रही हैं। वहीं, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जीटी रोड में कई विषयों के शिक्षक कम हैं। चहारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई है। दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
24 कमरे, 2800 विद्यार्थी, सात-आठ और कमरों की जरूरत : तहसील कैंप स्कूल का दो मंजिला भवन अच्छी स्थिति में है, लेकिन जगह की कमी बड़ी समस्या है। 24 कमरों में करीब 2800 विद्यार्थी पढ़ते हैं। संख्या के अनुसार सात-आठ अतिरिक्त कमरों की जरूरत है। परिसर में जगह न होने से नए कमरों का निर्माण संभव नहीं है। इसी कारण स्कूल दोहरी शिफ्ट में चल रहा है।
विज्ञापन

पुरानी तहसील परिसर की जमीन स्कूल को देने की मांग स्वीकार होने के बावजूद राजनीतिक अड़चन के कारण जमीन नहीं मिल सकी। स्कूल का अपना खेल मैदान भी नहीं है। खिलाड़ियों को आर्य स्कूल, आर्य कॉलेज और शिवाजी स्टेडियम के मैदानों पर निर्भर रहना पड़ता है।
मॉडल संस्कृति स्कूल में शिक्षकों की कमी बड़ी चुनौती : लालबत्ती के पास स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल का भवन नया और अच्छी स्थिति में है, लेकिन शिक्षकों की कमी पढ़ाई में बाधा है। यहां पहली से पांचवीं तक 422 और
छठी से 12वीं तक 2388 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। कुल 2810 विद्यार्थियों के लिए 45 पीजीटी, 16 टीजीटी और 10 जेबीटी शिक्षक कार्यरत हैं। प्रधानाचार्य संदीप शर्मा के अनुसार, ड्राइंग, पंजाबी, गृह विज्ञान, कंप्यूटर, एसएसटी और अंग्रेजी विषयों में शिक्षक कम हैं। हिंदी और संस्कृत में दो-दो शिक्षकों की जरूरत के मुकाबले एक-एक शिक्षक उपलब्ध है। विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए 12 अतिरिक्त कमरों की मांग भी भेजी गई है।
स्कूल परिसर में जिला शिक्षा विभाग कार्यालय, डायट परिसर, बीआरसी हॉल और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय समेत अन्य स्थानों से लोगों का आना-जाना रहता है।
चहारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। तहसील कैंप स्कूल में अपना खेल मैदान नहीं है, जबकि मॉडल संस्कृति स्कूल में मैदान उपलब्ध है। संवाद

प्रमुख जरूरतें
तहसील कैंप स्कूल
n
2800 विद्यार्थियों पर 24 कमरे
n
सात-आठ अतिरिक्त कमरों की जरूरत
n
जगह के अभाव में दोहरी शिफ्ट में संचालन
n
अपना खेल मैदान नहीं
n
स्कूल आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा नहीं
n
पुरानी तहसील परिसर की जमीन मिलने का मामला अटका

मॉडल संस्कृति स्कूल
n
छह प्रमुख विषयों में शिक्षकों की कमी
n
हिंदी-संस्कृत में भी आवश्यकता के अनुसार शिक्षक नहीं
n
12 अतिरिक्त कमरों की जरूरत
n
स्कूल की चहारदीवारी नहीं
n
सुरक्षा को लेकर चिंता, साइकिल चोरी की शिकायत
n
विद्यार्थियों के आवागमन के लिए परिवहन सुविधा नहीं

विद्यालय में अन्य व्यवस्थाएं और सुविधाएं व्यवस्थित हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। चहारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ता है। साइकिल चोरी की शिकायतें भी आई हैं। -संदीप शर्मा, प्रधानाचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जीटी रोड, पानीपत
विज्ञापन


विद्यालय में जगह की कमी सबसे बड़ी बाधा है। पुरानी तहसील परिसर की जमीन देने की मांग की गई थी, लेकिन बात नहीं बनी। विद्यालय को दोहरी पाली में संचालित करना पड़ रहा है। -गुलाब सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तहसील कैंप

राजकीय स्कूल तहसील कैंप का प्रवेश द्वार।

राजकीय स्कूल तहसील कैंप का प्रवेश द्वार।

राजकीय स्कूल तहसील कैंप का प्रवेश द्वार।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें