फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: रजबाहा टूटने से छदिया युसुफपुर में 40 एकड़ खेत जलमग्न

विज्ञापन
छदिया युसुफपुर के खेतों में भरा पानी। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

समालखा। उपमंडल के गांव छदिया युसुफपुर में सोमवार सुबह रजबाहे में कटाव होने से करीब 40 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। रजबाहे का पानी खेतों के पास से गुजर रही ड्रेन में पहुंच गया, जिससे ड्रेन ओवरफ्लो हो गई और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे पंचायत और किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। अचानक हुए जलभराव से ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलते ही सरपंच प्रतिनिधि रमेश वत्स मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोकलेन मशीन और कर्मचारियों को मौके पर लगाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पानी के मुख्य बहाव को नियंत्रित कर लिया गया, लेकिन निचले हिस्से के खेतों में अभी भी करीब पांच फीट तक पानी जमा है।
विज्ञापन

पंचायत और प्रशासन की ओर से खेतों से जल्द पानी निकालने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जा रही है। उपजिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि छदिया युसुफपुर के खेतों में पानी भरने की सूचना मिली है। खेतों में जमा पानी को बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
किसान दिलबाग सिंह ने बताया कि सुबह खेतों में पहुंचने पर चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। उनकी धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि दो-तीन दिन के भीतर पानी नहीं निकाला गया तो फसल गलकर नष्ट हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान सतपाल ने बताया कि ड्रेन में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और रजबाहे में कटाव होने के कारण पानी खेतों में घुस आया। इससे किसानों की महीनों की मेहनत और फसल पर किया गया खर्च बर्बाद होने का खतरा है। उन्होंने बताया कि निचले खेतों में करीब पांच फीट तक पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन

किसान रामभगत ने बताया कि अचानक हुए जलभराव ने किसानों को संकट में डाल दिया है। पानी का मुख्य बहाव तो रोक दिया गया है, लेकिन खेतों में जमा पानी के कारण धान और चारे की फसल को बचाना मुश्किल है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें