खंडरा से शेरा स्कूल तक तीन किलोमीटर का सफर है। इस रूट पर कोई बस या ऑटो नहीं चलता। बच्चे पैदल ही जाते हैं। हमने मांग की थी कि गांव से मतलौडा या शेरा तक कोई बस चलवाई जाए, ताकि सभी बच्चे आसानी से स्कूल तक पहुंच सकें, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-राजकुमार, ग्रामीण
नीरज के गोल्ड से गांव का उद्धार होगा, नहीं छोड़नी पड़ेगी शिक्षा
नीरज के गोल्ड लाने से खंडरा की पहचान पानीपत में नहीं बल्कि पूरे देश में हो गई है। अब प्रशासन हमारे गांव की तरफ ध्यान देगा। नीरज के गोल्ड से गांव का उद्धार होगा। उम्मीद है अब स्कूल अपग्रेड भी होगा और बेटियों को गांव में ही शिक्षा मिलेगी। उन्हें शिक्षा नहीं छोड़नी पड़ेगी।
-रूधा, बुजुर्ग
कॉमनवेल्थ में नीरज को गोल्ड मिलने के बाद अलॉट हुई ग्रांट आज तक नहीं आई
कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज के गोल्ड मेडल जीतने के बाद सरकार की ओर से गांव के लिए पांच करोड़ रुपये ग्रांट अलॉट की गई थी। उपायुक्त ने गांव में पांच करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने का एस्टीमेट मांगा था। नीरज के परिजनों ने गांव में स्टेडियम निर्माण, स्कूल का अपग्रेडेशन और गांव की सड़कों के साथ अन्य विकास कार्यों के बारे में बताया था। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर जिला प्रशासन को सौंपा गया, लेकिन अभी तक कोई बजट प्राप्त नहीं हुआ। -शैलेंद्र, सरपंच