पानीपत। लोगो को बाटा गया खराब सरसों का तेल।
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पानीपत। वार्ड नंबर चार की कई कॉलोनियों में डिपो होल्डर राशन कार्ड धारकों को गेहूं के साथ खराब सरसों का तेल जबरदस्ती थोप रहा है। ये तेल करीब डेढ़ साल पुराना है, जिसकी बोतल पर किसी ब्रांड या कंपनी का कोई मार्का तक नहीं है। लोगों के मुताबिक, तेल से दुर्गंध आ रही है। नीचे गाध यानी सिल्ट तक जमा हो रही है। 91 लोगों को 182 लीटर यह खराब तेल डिपो होल्डर बांट चुका है।
स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए इस तेल की बोतलों को सांसद और उपायुक्त को दिखाकर शिकायत की तो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इसे वापस मंगवाना शुरू कर दिया है। उधर, जिला प्रशासन को वार्ड-4 के अशोक नगर और पटेल नगर के लोगों को मनोज कुमार डिपो होल्डर के खिलाफ शिकायत भी दी है। वहीं, डिपो होल्डर का कहना है कि इस तेल की पंचिंग विभाग की ओर से की गई थी। इसलिए इसे बांटा गया है। ये तेल कॉन्फेड का है, कोई बाहर से लाया गया तेल नहीं है।
लोग बोले जबरदस्ती थोपा तेल
सरसों का तेल लेने वाले लोगों ने बताया कि डिपो होल्डर ने उन्हें गेहूं के साथ दो लीटर सरसों का तेल जबरदस्ती थोपा था। 25 रुपये लीटर के हिसाब से उनसे 50 रुपये दो लीटर तेल के भी लिए गए। इस तेल से बहुत ज्यादा दुर्गंध आ रही है। इसे खाने में इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
पंचिंग होने से बंटा तेल
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले जिले भर के 18 डिपो होल्डरों को ये तेल बांटने के लिए दिया गया था, उस समय भी ये खराब था। इसलिए इसे वापस उठाने के आदेश दिए गए थे लेकिन इसी बीच विभागीय अधिकारियों ने इस तेल की पंचिंग डिपो होल्डरों की मशीन में कर दी। इसके बाद डिपो होल्डरों को यह तेल बांटना पड़ा।
जांच के लिए टीम गठित की
इसकी जांच के लिए एएफएसओ देंवेंद्र कादियान के नेतृत्व में तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये टीम जांच करेगी कि किन उपभोक्ताओं को ये तेल बांटा गया है। उनसे तेल वापस लिया जाएगा। इसके एवज में जो उनसे पैसे लिए गए हैं वे भी वापस करवाए जाएंगे। -सुभाष सिहाग, डीएफएससी, पानीपत।