फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाटक मैं को हम में बदलता है - दास

विज्ञापन
विज्ञापन
नाटक ‘मैं’ को ‘हम’ में बदलता है : दास
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्कूल शिक्षा विभाग की उत्कर्ष सोसाइटी द्वारा एसडी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय नाट्य लेखन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास रहे। विशिष्ट अतिथि उत्कर्ष सोसाइटी के डिप्टी डायरेक्टर जोगिंद्र सिंह हुड्डा रहे। जबकि अध्यक्षता एसडीवीएम सीनियर विंग के प्रधान सतीश चंद्रा, जूनियर विंग के प्रधान रघुनंदन गुप्ता व एसडी कॉलेज के प्रधान दिनेश गोयल ने संयुक्त रूप से की। संचालन संस्कृत कर्मी राजीव रंजन ने किया। कार्यक्रम के शुभारंभ में शिक्षा विभाग के प्रदेशभर के शिक्षक पहुंचे।
पीके दास ने कहा कि नाटक मैं को हम में बदलता है। शिक्षक केवल सरकारी नौकरी नहीं करता है, बल्कि वह समाज का निर्माता है। इसलिए एक शिक्षक को समाज में जागरूकता भी लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में चार वेद हैं। नाटक पंचम वेद है। यह जनतंत्र का स्वरूप और आधार दोनों है। यह सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम रूप है। दास ने कहा कि शिक्षा समाज निर्माण की ऐसी धुरी है। जिसमें कुम्हार की भूमिका शिक्षक निभाता है। लोकरंग जीवन रंग का प्राण है। रंगमंच जीवन के सभी रागों का सर्वोत्तम रूप है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जोगेंद्र हुड्डा ने कहा कि एजुसेट को शिक्षा का बड़ा मंच बनाना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा में रंगमंच थीम पर आयोजित यह शिविर तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। 16 से 22 जून तक पानीपत, 23 से 30 जून 2017 उत्कर्ष सोसाइटी पंचकूला और एक से सात जुलाई को एनसीआरटी गुरुग्राम में आयोजित होगा। कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने शिविर की प्रस्तावना रखी। नाटककार डॉ. प्रताप सहगल ने कहा कि नाटक का समाजशास्त्र मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनाओं को नई भाव भूमि प्रदान करता है। इस अवसर पर मई माह कार्यशाला में तैयार मैं समय हूूं और समाज जीवनदान योजना डॉट कॉम का मंचन किया गया। एसडी एजुकेशन सोसाइटी ने रंगकर्मियों के मार्मिक मंचन की सराहना की और 21 हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया। इस अवसर पर डाइट प्राचार्य जितेंद्र अहलावत, विकास दहिया, उत्कर्ष सोसाइटी के जीएम नीरज वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें