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यूपी में 16 करोड़ और उत्तराखंड में 35 करोड़ गन्ने की फसल का भुगतान बाकी

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पानीपत। यूपी में 16 करोड़ और उत्तराखंड में 35 करोड़ गन्ने की फसल का भुगतान बाकी है। इससे किसानों में रोष है। 2016 से लेकर 2021 तक जिले के किसानों को पानीपत शुगर मिल में फसल न बिकने के कारण अलग-अलग राज्यों में जाकर फसल बेचनी पड़ती थी। 2016 में पानीपत में गन्ने की पैदावार काफी ज्यादा हुई थी और पानीपत शुगर मिल ने लेने से मना कर दिया था। इसके बाद प्रदेश भर के किसानों ने रणनीति बनाई और फसल बेचने के लिए यूपी निकल गए। वहां पर किसान फसल तो बेच आए, लेकिन फसल का भुगतान नहीं किया गया। किसानों को कहा गया कि बाद में अकाउंट या फिर बुलाकर भुगतान किया जाएगा। छह साल बीत जाने के बाद भी अब तक किसानों की फसल का भुगतान नहीं हो पाया है।
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पूरे हरियाणा में पानीपत जिले के किसान ऐसे थे, जिन्होंने सबसे ज्यादा फसल बेची थी। पानीपत के किसानों की उत्तराखंड की इस्लामपुर शुगर मिल में 35 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। पानीपत में होने वाली दोनों महापंचायतों में इस विषय पर चर्चा हुई थी, जिस पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जल्द भुगतान कराने का वादा भी किया था। भुगतान न होने पर जिले के किसानों में रोष है।
जिले के किसान गन्ने की फसल का भुगतान न होने से परेशान हैं। इसको लेकर किसान भवन पानीपत में रविवार को बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी किसानों को न्योता दिया गया है। जिन किसानों का भुगतान बाकी है, वे अपने कागजात और फसल बिक्री की उस समय की स्लिप लेकर पहुंचेंगे। इसके बाद किसान भवन में रणनीति बनाई जाएगी। किसानों का कहना है कि छह वर्ष तक सरकार से बहुत प्यार से बात कर ली, अब आंदोलन का समय आ गया है।
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जिले के किसान पिछले छह वर्ष से गन्ने की फसल का भुगतान न होने से परेशान हो रहे हैं। सैकड़ों किसानों ने छह साल पहले लोन लेकर खेती की थी, जिसका लगातार ब्याज भरते जा रहे हैं, मगर सरकार के कान में जूं नहीं रेंग रहा है। जिले के किसानों के साथ आज बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा।
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- सोनू मालपुरिया, प्रधान भाकियू
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