पानीपत के गांव डाहर स्थित नई शुगर मिल का निर्माण करने वाले एजेंसी उत्तम सुक्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर मिल प्रबंधन ने 16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना मिल निर्माण में की गई देरी की वजह से लगाया गया है। एजेंसी और मिल के बीच अनुबंध के अनुसार 11 माह में निर्माण पूरा करना था जबकि तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। मिल के निर्माण की लागत करीब 350 करोड़ है, जिसकी पांच प्रतिशत की पेनाल्टी लगाई गई है।
शुगर मिल अधिकारियों का कहना है कि जब एजेंसी को अंतिम भुगतान किया जाएगा तो जुर्माने की राशि को काट लिया जाएगा। इसके साथ अगर अभी मिल के निर्माण में और देरी हुई तो किसानों के गन्ने का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज भी एजेंसी से वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि शुगर मिल ने एजेंसी के साथ 28 मार्च 2019 को अनुबंध किया था। इसके तहत एजेंसी को महज 11 माह में इस मिल को तैयार करने का समय दिया गया था। अनुबंध के अनुसार, एजेंसी को 28 फरवरी 2020 तक इसे तैयार करना था लेकिन यह मिल फरवरी 2022 तक भी तैयार नहीं हो सकी है। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया है कि मिल का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दस मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। मिल एमडी नवदीप सिंह लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
प्रदेश की होगी सबसे बड़ा शुगर मिल
गांव डाहर में निर्माणाधीन नई शुगर मिल प्रदेश की सबसे बड़ी और अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगी। 75 एकड़ में बनाई जा रही इस मिल के निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी क्षमता रोजाना 50 हजार क्विंटल गन्ने पेराई की होगी। मार्च 2022 से लेकर 31 मई तक इसमें 35 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया है जबकि आगामी सीजन में यहां एक करोड़ क्विंटल गन्ना पेराई होगा।
नियमानुसार निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की गई है
शुगर मिल के निर्माण में करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अनुबंध के अनुसार लेट काम करने पर एजेंसी पर पांच प्रतिशत के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। यह राशि करीब 16 करोड़ रुपये बनती है। हालांकि अब मिल का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, दस मार्च तक इसे चालू कर दिया जाएगा। ये प्रदेश की सबसे अत्याधुनिक शुगर मिल होगी। - नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल पानीपत।