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पूर्व मेयर ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रेसवार्ता कर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

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पानीपत। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हर सप्ताह एक घोटाले का खुलासा करने का मोर्चा खोल दिया है। इसकी शुरुआत उन्होंने मंगलवार को विजय नगर कॉलोनी में सड़क निर्माण का टेंडर करने में घोटाले का आरोप लगाते हुए किया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया और कालोनी के सड़क निर्माण के लिए जारी 198 लाख रुपये के टेंडर में ठेकेदार का कमीशन 10 की जगह 31 फीसदी कर दिया। इस टेंडर के पास होते ही ठेकेदार को 62 लाख रुपये का लाभ पहुंचाया गया है। पूर्व मेयर के इन आरोपों को नगर निगम के एससी ने चुनौती दे दी है कि अगर उनके पास प्रमाण है, तो सिद्ध करके दिखाएं। सभी आरोप निराधार हैं।
जीटी रोड स्थित होटल ईट स्ट्रीट में पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में विकास कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये के टेंडर हुए थे। इनमें से एक टेंडर 21 फरवरी को वार्ड-5 स्थित विजय कॉलोनी में सड़क निर्माण के जारी किया गया। जिसको अज्ञात कारणों से निगम के अधिकारियों ने रद्द कर दिया, जिसे बाद में अधिकारियों ने अपने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए फिर से जारी किया। जहां 48 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के बाकी टेंडर ठेकेदारों को 10 फीसदी कमीशन पर जारी किए गए, वहीं यह एक टेंडर 31.5 प्रतिशत तक बढ़ा कर ठेकेदार को दे दिया। ठेकेदार को माइनस दस प्रतिशत और 21.5 प्रतिशत का टेेंडर में फायदा दिया गया। जिसकी राशि 62 लाख 37 हजार रुपये होती है, जिसका फायदा पहुंचाया गया।
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मेयर के मांगने पर भी वर्क ऑर्डर की प्रति नहीं दी जा रही : पूर्व मेयर ने बताया कि इसकी सूचना मेयर अवनीत कौर को दी गई, जिस पर कमिश्नर वीना हुड्डा को पत्र लिखकर टेंडर रुकवाया गया। इसके बाद कमिश्नर को दो बार पत्र लिखकर वर्कऑर्डर की प्रति मांगी, लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। पूर्व मेयर ने कहा इससे साफ साफ साबित होता है कि कमिश्नर, एससी, एमई, जेई सभी ठेकेदारों के साथ मिलकर साठगांठ कर भ्रष्टाचार कर रहे है। अब उनके पास सबूत भी है, सभी प्रमाण भी है अब वह कार्रवाई करें।
इस तरह ठेका देने में गड़बड़ी का लगा आरोप : पूर्व मेयर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने अपने ही ठेकेेदार को टेंडर दिलवाने के लिए 21 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक निगम के अधिकारियों ने टेंडर को खोलने व बंद करने का काम किया। अधिकारियों ने 21 फरवरी को टेंडर निकाला, लेकिन 23 फरवरी यह टेंडर वेबसाइट पर डाला। शाम 4 बजकर 58 मिनट पर टेंडर डाला और 2 मिनट बाद ही उसे बंद कर दिया गया। टेंडर की आखिरी तिथि के दिन निगम के अधिकारियों ने अपने ठेकेदार को आवेदन करने के लिए पहले ही तैयार लिया था। सात मार्च को निगम के अधिकारियों ने 11 बजकर 22 मिनट पर वेबसाइट पर डाला और फिर 11 बजकर 35 मिनट पर उसे बंद कर दिया गया। उसके बाद 11 बजकर 40 मिनट पर वेबसाइट पर टेंडर को खोला गया और एक बार फिर से उसे 11 बजकर 42 मिनट पर बंद कर दिया गया। 11 बजकर 50 मिनट पर फिर टेंडर खोला गया और 12 बजकर 30 मिनट पर उसे बंद कर दिया गया। एक बजे फिर टेंडर को खोला गया और एक बजकर 29 मिनट पर फिर बंद कर दिया गया। एक बजकर 30 मिनट पर टेंडर को खोला गया 3 बजकर 11 मिनट पर उसे बंद कर दिया गया। अंत में चार बजे टेंडर को खोला गया और 4 बजकर 59 मिनट पर उसे बंद कर दिया गया। जबकि नियम के अनुसार जब एक टेंडर हो जाता है, उसे वेबसाइट से तब तक नहीं हटा सकते जब तक उसकी अंतिम तिथि नहीं आती।
ठेकेदार को नहीं किया ब्लैक लिस्ट : पूर्व मेयर ने बताया कि नगर निगम अधिकारियों ने शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार को फायदा पहुंचाया। जिसके ठेके को रोक तो दिया गया, लेकिन नगर निगम अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सीएम ने 350 करोड़ रुपये शहर के विकास कार्य के लिए जारी किए, अब इनकी पड़ताल भी की जाएगी।
इन मामलों को उठाया, नहीं हुआ कोई एक्शन : पूर्व मेयर ने बताया कि उन्होंने जेबीएम को गांव उग्राखेड़ी के पास ट्रैक्टर ट्राली में कूड़े की जगह मलबा पकड़ा था, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। 21 करोड़ रुपये के पार्क में घोटाला सामने लाया गया था, लेकिन उसमें भी भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद पूजा कंस्यूलेशन कंपनी के ठेकेेदार की पेमेंट रोकने के लिए पत्र भेजा था, अभी तक उसमें भी ठेकेदार पर कोई खास कार्रवाई नहीं की गई।
शुक्रवार होगी हाउस की दूसरी बैठक, उसमें करेंगे भ्रष्टाचारियों की लिस्ट को पेश : पूर्व मेयर ने बताया कि नगर नगर की अगली हाउस की बैठक शुक्रवार को होगी। इसमें नए-नए मुद्दों को पास करने के साथ-साथ भ्रष्टाचारियों की भी लिस्ट को पेश करेंगे। हाउस की मीटिंग के बाद विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि दो माह में वह भ्रष्टाचार को खत्म कर देंगे। इसमें शहरवासी भी जागरूक हों अगर कोई नेता या अधिकारी पैसे मांगता है वह उन्हें सूचना दें।
मुझ पर लगाए गए आरोप को सिद्ध कर दिखाएं : नगर निगम एससी रमेश बागड़ी ने बताया कि पूर्व मेयर ने मुझ पर जो आरोप लगाए हैं, वह सभी निराधार हैं। उनके पास हमारे खिलाफ कोई प्रमाण हो तो वह सिद्ध कर दिखाए। उन्होंने कहा कि यह टेंडर किसी और अधिकारी द्वारा लगाया था, जिसको उन्होंने रद्द कर दिया था। उनके सभी आरोप निराधार हैं।
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