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मुझे क्या पता था कि हमारा दोबारा मिलना ऐसा होगा...

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पानीपत। दुनिया के लिए जीने वालों ने दुनिया छोड़ते हुए भी नेत्रदान कर समाजसेवा की। गमगीन माहौल में लाडवा निवासी पेट्रोल पंप संचालक व उनकी पत्नी इंद्री बीएड कॉलेज की प्राचार्य का मंगलवार को सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। शव गृह के बाहर सुबह से ही अलग-अलग जिलों के प्रतिष्ठित लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था। मृतक माता-पिता के शवों को लेने के लिए मुंबई से बेटा पहुंचा। दोपहर को दोनों का पोस्टमार्टम हुआ। शाम बाद उनके शवों को उनके आवास स्थान लाडवा कुरुक्षेत्र ले जाया गया। जहां पर स्वीडन से उनकी बेटी भी पहुंची। लाडवा की शमशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं हादसे में घायल ट्रॉली पर सवार मजदूर ने भी रोहतक पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस आरोपी ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी हुई है।
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दंपती ने किया नेत्रदान, बेटे ने इच्छा की पूरी : पेट्रोल पंप संचालक गौरव गोयल व रंजना गोयल ने जीवित रहते हुए एक संस्था को अपने नेत्रदान कर दिए थे। उनकी सोच थी कि उनकी निधन के बाद उनकी आंखें किसी के काम आ सके। उनके बेटों ने अंतिम संस्कार से पहले माता-पिता की इस इच्छा को पूरा कराया। माता-पिता के शवों को लेने के लिए मुंबई से बेटा पहुंचा। दोपहर को दोनों का पोस्टमार्टम हुआ, साथ ही बेटे ने बताया कि उसके माता-पिता की इच्छा अनुसार वे उनके नेत्रदान करना चाहते हैं।
स्वीडन से लाडवा पहुंची बेटी, मां-पिता को मृत देख हुई बेसुध : स्वीडन निवासी जिस बेटी से मिलकर दंपति भारत लौट कर दिल्ली से लाडवा कुरुक्षेत्र की ओर जा रहे थे, उस बेटी को उसके मम्मी-पापा की घर पहुंचने की जगह, सड़क हादसे में मौत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वो तत्काल दिल्ली पहुंची, दिल्ली से वो दोपहर बाद तक लाडवा पहुंची। जहां पहुंच कर वो अपने मम्मी-पापा के शवों से लिपट कर खूब रोई। रोते हुए बोली, स्वीडन से चलते हुए जो बाय आपने बोली थी, मुझे नहीं पता था कि वो बाय जिंदगी भर के लिए बोल रहे हो। चलते हुए मम्मी का जल्द मिलेंगे बोलना भी याद है। लेकिन मुझे ये भी नहीं पता था कि हम दोबारा इतनी जल्दी मिलेंगे और ऐसे मिलेंगे कि फिर कभी मिल ही नहीं पाएंगे। बेटी रोते-रोते कई बार बेसुध हो गई।
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घायल मजदूर ने पीजीआई में तोड़ा दम : सोमवार को हुए इस हादसे में गार्डर व लोहे की लैंटर प्लेटों से लदी ट्रॉली पर एक श्रमिक भी सवार था। हादसे के बाद वो ट्रॉली से नीचे गिर गया और उसके ऊपर गार्डर व प्लेट गिरने से वो गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल को सामान्य अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया था। जिसने सोमवार देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतक जब घायल अवस्था में था, उसने अपनी पहचान रवि निवासी अर्जुन नगर काबड़ी रोड के रूप में बताई थी। उसके इसी बयान पर मंगलवार को पुलिस उक्त क्षेत्र में उसकी फोटो लेकर उसके परिजनों की तलाश में जुटी रही। लेकिन उसके परिजनों का कोई सुराग नहीं लगा। उसके शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव पीजीआई के शव गृह में रखवा दिया।
मंगलवार को ओवरलोड सरिये, गार्डर से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के किए चालान : सोमवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से ट्रैफिक डीएसपी सतीश कुमार वत्स ने इस तरह के ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए कमान संभाली। मंगलवार को वो खुद ही जीटी रोड पर धड़ल्ले से दौड़ रहे इस तरह के ओवरलोड वाहन चालकों को रोकते, समझाते व उनके कागजात चेक कर उनके चालान करते नजर आए।
यह था मामला : पानीपत के एलिवेटेड हाईवे पर सोमवार की दोपहर को कार सवार कुरुक्षेत्र के लाडवा निवासी दंपती गौरव गोयल व पत्नी रंजना गोयल सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। गोयल दंपति स्वीडन निवासी अपनी पुत्री गीतांजलि से मिल कर सोमवार को ही भारत लौटे थे। दोनों हवाई अड्डे की पार्किंग से अपनी कार में सवार होकर अपने घर लाडवा जाने के लिए रवाना हुए थे। कार को गौरव चला रहे थे और जैसे ही यें, पानीपत के एलिवेटिड हाइवे पर मॉल के पास पहुंचे तो आगे चल रही शटरिंग के सामान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली का डाला खुल गया और प्लेटें व गार्डर गोयल दंपति की कार में जा घुसे। हादसा इतना भीषण था कि गौरव गोयल की गर्दन धड़ से अलग होकर पीछे की सीट पर जा गिरी और रंजना के सिर में गार्डर धंस गया। जिससे दोनों की मौत हो गई।
अब किसी भी सूरत में यातायात के नियमों की अवहेलना करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओवरलोड वाहनों के निरंतर चालान करने के लिए सभी चौकी व थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। मंगलवार को ऐसे 2 वाहनों के चालान किए गए हैं, जबकि एक वाहन को इंपाउड भी किया गया है। ऐसे वाहनों के चालान को भी अभियान के रूप में चलाएंगे।
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- सतीश कुमार वत्स, डीएसपी मुख्यालय व ट्रैफिक।
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