पानीपत। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद नगर निगम मेयर ने भ्रष्टाचार अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली है। यह लिस्ट सोमवार को वह मुख्यमंत्री को सौंपेंगी। ऐसे में, अगर आरोप सही पाए गए तो भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है। उधर, मेयर ने 37 बाजारों की सफाई करने वाली पूजा कंस्यूलेशन कंपनी का भुगतान रुकवा दिया है। घोटाले का आरोप लगाते हुए मेयर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर भुगतान रोकने के लिए कहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई पर ठेकेदार ने भी चेतावनी दे दी कि अगर भुगतान नहीं तो शहर की सफाई भी नहीं होगी।
नगर निगम मेयर अवनीत कौर ने बताया कि सफाई ठेका कंपनी लंबे समय से चूना लगा रही है। वह अपने स्तर पर जांच कर रहीं थीं। लोगों की लगातार शिकायतें आ रहीं थीं। जिसके बाद 22 मई की रात 12 से लेकर सुबह 4 बजे तक शहर के 30 बाजारों का दौरा किया तो सब कुछ सामने आया गया। कुछ ही बाजारों में सफाई कर्मचारी नजर आए। जिसके बाद ठेका कंपनी के साथ एग्रीमेंट की कॉपी देखी, जिसमें 140 कर्मचारियों को 37 बाजारों की सफाई का ठेका दिया गया था। हर सफाई कर्मी को 7000 प्रति माह दिया जाता है। जबकि निगम की तरफ से प्रत्येक कर्मचारी का वेतन 15 हजार 714 रुपये दिया जाता है। बाजारों में 140 कर्मचारियों की जगह 25 से 30 कर्मचारी काम करते नजर आए। जिससे यह साबित होता है कि ठेकेदार हर माह 15 लाख रुपये का घोटाला कर रहा है। जिसके बाद ठेकेदार का भुगतान रोकने के लिए निगम कमिश्नर को पत्र लिखा गया। उन्होंने बताया मेयर के निरीक्षण के बाद अभी तक ठेकेदार को कोई भुगतान नहीं किया गया है।
मेयर ने ठीक उठाया कदम, जिम्मेदारी को पूरी करने पर दे ठेेकेदार को पेमेंट : अनिल मदान
संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान अनिल मदान का कहना है कि ठेकेदार को जो जिम्मेदारियां दी गई है, वह उन्हें पूरी नहीं कर रहा है। वह अपनी मनमानी चलाते हुए बाजारों की 30 प्रतिशत भी सफाई नहीं कर रहा है। इस कंपनी की तब तक पेमेंट नहीं होनी चाहिए, जब तक सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हो जाती। ठेकेदार को जो जिम्मेदारी दी गई है, वह उसको पूरी करे अन्यथा निगम उस पर एक्शन लें।
सारे भ्रष्टाचारों और घोटालों की लिस्ट हुई तैयार : अवनीत कौर
नगर निगम मेयर अवनीत कौर का कहना है कि ऐसे भ्रष्टाचार और घोटालों में लिप्त ठेकेदार, कर्मचारियों और अधिकारियों का नाम उनके पास आ चुके है। पहले भी कुछ उनकी नजरों में थे, लेकिन उनके पास कुछ खास तथ्य नहीं थे, लेकिन अब उनके पास तथ्य है। उन्होंने लिस्ट तैयार कर ली है, सोमवार को वह सीएम के पास जाकर उनकी लिस्ट दिखा दिखाएगी। उनका कहना है कि उन्होंने मेयर बनने के बाद शपथ ली थी कि वह न भ्रष्टाचार करेंगी और न करने देंगी। यह पैसा जनता का है। वह ऐसे किसी भी अधिकारियों और कर्मचारियों को फिजुल में जाने नहीं देगी।
भुगतान रुका तो रुक जाएगी बाजारों की सफाई व्यवस्था : राजकुमार
पूजा कंस्यूलेशन कंपनी के ठेकेदार राजकुमार का कहना है कि अगर उनकी पेमेंट रोक ली जाएगी तो वह बाजारों में रोजाना होने वाली सफाई व्यवस्था को रोक देंगे। जब तक उन्हें पैसे नहीं मिलेंगेे तब तक सफाई करने का काम शुरू नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पहले उनको एक माह में पांच लाख रुपये सफाई के मिलते थे, लेकिन अब मई माह से ही उनको 21 लाख 89 हजार रुपये मिलेंगे। मेयर ने जो आरोप लगाए है वह निराधार है। कर्मचारियों की संख्या 140 है। जिसमें 120 से 125 कर्मचारी रोजाना सफाई करते हैं और बाकी छुट्टी पर रहते हैं। पेमेंट रोकने का खामियाजा निगम के अधिकारियों को भुगतना पड़ेगा ।
मेयर की शिकायत पर ठेकेदार पर होगी कार्रवाई : वीना
नगर निगम कमिश्नर वीना हुड्डा का कहना है कि मेयर ने जो ठेकेदार की पेमेंट रोकने के लिए पत्र भेजा है, उसपर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसकी पेमेंट को रोक लिया गया है। अभी तक ठेकेदार की पेमेंट नहीं हुई है, सफाई व्यवस्था ठीक होने के बाद पेमेंट शुरू कर दी जाएगी।