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लोगों को सफाई की फिक्र न निगम को, शहर में गंदगी का अंबार

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लोगों को सफाई की फिक्र न निगम को, शहर में गंदगी का अंबार
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम के अफसर शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में मिले 335 वीं रैंकिंग के सुधरने का दावा कर रहे हैं, मगर किस दम पर इसका जवाब किसी के पास नहीं है। शहर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, हाल यह है कि न पब्लिक को स्वच्छता की फिक्र है और न ही नगर निगम को। हाल यह है कि, नगर निगम अपने निर्धारित प्वाइंटों से ही हर रोज कूड़ा नहीं उठा पा रहा तो लोग भी स्वच्छता को लेकर गंभीर नहीं हैं। कूड़ेदान में कचरा डालने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 चार जनवरी को शुरू होगा। एक टीम शहर में इसका पूरा मुआयना करेगी और अधिकारियों की रिपोर्ट के साथ स्थानीय लोगों से भी फीडबैक लेगी। अमर उजाला माई सिटी ने बुधवार को शहर की कई प्रमुख सड़क व अन्य स्थानों का मौका देखा और स्वच्छता सर्वेक्षण की शर्तों को यहां पर लागू कर देखा। शहर अपनी ताजी तस्वीर के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में फिसड्डी नजर आता है।
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यहां पर यह मिली स्थिति
पुरानी तहसील
पुरानी तहसील के बाहर निगम द्वारा डस्टबिन लगाया गया है। यहां पर लोगों ने डस्टबिन की बजाय उसके बाहर कूड़ा लगा रखा है और पूरा ढेर लगा हुआ है। यह जीटी रोड के बिलकुल साथ लगता है। यहां से पूरा दिन लोगों का आना जाना रहता है।
सुखदेव नगर बस स्टैंड की दीवार
निगम के सफाई कभी कभार ही कूड़ा उठाते हैं। सुखदेव नगर रोड पर बस स्टैंड की दीवार के साथ नगर निगम द्वारा लिफ्ट करने वाला कूड़ेदान रखा है। स्थानीय लोग कूड़ेदान में कूड़ा नहीं डाल रहे, बल्कि वे बाहर ही फेंक कर चले जाते हैं। नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। यह सड़क देवी मंदिर की कॉलोनियों व इंसार बाजार को जोड़ने वाली है।
असंध रोड कच्चा कैंप
असंध रोड कच्चा कैंप मोड़ से कुछ आगे मुख्य सड़क के किनारे पर ही कूड़े का ढेर लगा हुआ है। निगम के सफाईकर्मी भी यहां पर कूड़ा डाल देते हैं। वहीं आसपास के लोग भी कूड़े को फेंक रहे हैं। यहां पर सुबह से लेकर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
असंध रोड निगम का सेंटर
नगर निगम द्वारा असंध रोड रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कूड़ा कलेक्शन सेंटर स्थापित किया है। निगम द्वारा छह माह पहले ही इस पर शेड बनवाया है। यहां पर कूड़ा डाला जाता है और हर रोज कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी है। निगम के सफाई कर्मी यहां से कूड़ा उठाने के दौरान पूरी तरह से साफ नहीं करते। जिसके चलते कूड़ा पड़ा रहता है। ऐसे में पुल के साथ भगत सिंह मार्केट तक जाना मुश्किल हो गया है।
गोहाना रोड पुल के नीचे
गोहाना रोड से बिजली निगम के सर्कल कार्यालय की तरफ जाने वाली सड़क पर कूड़ेे का ढेर लगा हुआ है। इसके साथ निगम का कूड़ा लिफ्टर भी लगा हुआ है, लेकिन स्थानीय लोग कूड़ेदान में कूड़ा नहीं डाल रहे और निगम के सफाईकर्मी भी हर रोज कूड़ा नहीं उठा रहे। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दो थानों के बाहर बस स्टैंड के सामने कूड़ेदान खस्ताहाल हुए
नगर निगम द्वारा जीटी रोड पर लाखों खर्च कर कूड़ादान लगवाए हैं, लेकिन कूड़ेदान खाली पड़े हैं, जबकि बाहर कूड़ा पड़ा है। थाना शहर व सदर के बाहर लगे कूड़ेदानों की स्थिति चिंताजनक है। चंडीगढ़ व अंबाला जाने वाले यात्री यहीं से बस पकड़ते हैं।
निगम ने पिछले दिनों की लॉन्च किया था एप मैप
नगर निगम ने पिछले दिनों की एप मैप लॉन्च किया है। अधिकारियों ने विगत पखवाड़े में ही इसको लॉन्च किया है। इसमें सभी सुपरवाइजरों को एप मैप के साथ जोड़ा है। संबंधित व्यक्ति अपने मोबाइल से एप मैप पर गंदगी की फोटो डालेगा। यह फोटो ऑटोमैटिक संबंधित सुपरवाइजर के पास चला जाएगा। ऐसे में संबंधित सुपरवाइजर को 48 घंटे में मौके से गदंगी उठानी पड़ेगी और वहां से कूड़ा उठाकर सफाई की फोटो अपलोड करनी होगी।
पिछले सर्वेक्षण में मेरे शहर को मिला 335वां स्थान
पानीपत एक औद्योगिक शहर है। यहां से हर साल 35 हजार करोड़ का आयात व निर्यात होता है। पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में पानीपत का देश के 434 शहरों में पानीपत का 335वां नंबर आया था। यह नंबर शहरवासियों के लिए भी चिंता का विषय था। नगर निगम अधिकारियों ने भी रैंकिंग को सुधारने का दावा किया था, लेकिन शहर को इस हाल में शायद इस बार रैंकिंग में कोई अच्छा नंबर मिल सकें।
सामाजिक संगठन पहले ही कर चुके हैं चिंता व्यक्त
शहर के सामाजिक संगठन पहले ही शहर में साफ सफाई को लेकर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। सर्व संगठन सेवा संस्थान के बैनर तले शहरवासी रविवार को एकमत हुए थे। शहरवासियों ने करोड़ों रुपये राजस्व में देने पर भी सफाई न होने पर चिंता जताई थी। मेहूल जैन ने कहा कि अब सफाई के लिए अधिकारियों को ज्ञापन नहीं दिया जाएगा। वे इसको लेकर अपने स्तर पर कुछ सख्त कदम उठाएंगे। संस्था के वरिष्ठ सदस्य ललित गोयल ने बताया कि साफ सफाई का काम निगम कर्मियों का है। सामाजिक संगठन अब झाडू नहीं उठाएंगे। वे निगम कर्मियों से ही झाडू उठवाएंगे।
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वर्जन
शहर में स्वच्छता पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सफाई सुपरवाइजरों व ठेकेदारों को सख्त हिदायत है। निगम द्वारा एप मैप भी शुरू किया है। जिसमें संबंधित लोग एंड्रॉयड फोन से फोटो भेज सकते हैं। संबंधित सुपरवाइजर को 48 घंटे में कूड़ा उठाकर सफाई का फोटो अपलोड करना होगा। शहर इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग पर होगा।
शिवप्रसाद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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