पानीपत। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) उझा की ओर से कुष्ठ रोग खोज जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान केंद्र के इंचार्ज डॉ. दीपक सैनी की अगुवाई में चलाया गया।
शनिवार को 55 टीमों ने 730 घरों में जाकर 3205 लोगों की जांच की जिनमें से 15 कुष्ठ रोग के संदिग्ध मिले। संदिग्ध को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भेजा गया। स्वास्थ्य कर्मी सतबीर सिंह ने बताया कि इस अभियान के लिए केंद्र उझा में 55 टीम बनाई गई हैं। शनिवार को कुष्ठ रोग जांच अभियान गांव कुराड़, उझा, गढ़ी बेसिक, रिसालू में चलाया गया।
इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने 730 घरों में जाकर 3205 लोगों की जांच की और 15 संदिग्धों की पहचान की। संदिग्ध कुष्ठ रोगियों को जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। अभियान में एक आशा कार्यकर्ता व एक पुरुष शामिल रहेगा। जो घर-घर जाकर सर्वे करके कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगी और स्वास्थ्य टीम आम जनमानस को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करेगी। कुष्ठ रोग के धब्बों में दर्द नहीं होता है। कुष्ठ के धब्बों में जलन और चुभन नहीं होती है और त्वचा पर लाल तामिया दाग, त्वचा पर तेली चमक, हाथ पैरों में सुन्नापन होता है, जिसमें खुजली नहीं होती है। वे कुष्ठ रोग के धब्बों के दाग हो सकते है।
कुष्ठ रोग का एमडीटी से पूरा इलाज हो जाता है जो सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य कर्मी स्वीटी रानी, सोनिया रानी व सुनीता, कमला, रीना, सोनिया उपस्थित रही। संवाद