माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। कैंट के औद्योगिक क्षेत्र को टांगरी नदी के बाढ़ से बचाने की योजना फिलहाल सरकारी लेटलतीफी का शिकार होती नजर आ रही है। चहारदीवारी बनाने की योजना तो पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया इतनी धीमी रही कि अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
वर्तमान स्थिति यह है कि सरकार के स्तर पर हाई परचेज कमेटी से इस काम को अंतिम स्वीकृति मिलने के इंतजार में यह मामला अधर में लटका है। क्योंकि इस दीवार का निर्माण 13.55 करोड़ रुपये की लागत से होना है, ऐसे में इतनी बड़ी धनराशि की निविदा लगाने के लिए सरकार की हाई परचेज कमेटी से स्वीकृति लेनी अनिवार्य है। अब एचएसआईआईडीसी इस कमेटी की बैठक का इंतजार कर रही है। इसके बाद निविदा लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।