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चेयरमैन को ब्लेकमेल कर पैसों की मांग कर रहे कुछ पार्षद - पीपी कपूर

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चेयरमैन को ब्लैकमेल करते हुए पैसों की मांग कर रहे कुछ पार्षद : पीपी कपूर
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अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। पार्षदों द्वारा नपा चेयरमैन अशोक कुच्छल के प्रति अविश्वास व्यक्त कर विधायक रविंद्र मच्छरौली को शपथपत्र सौंपने के मामले में प्रतिदिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। बुधवार को पत्रकारवार्ता में आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षदों द्वारा चेयरमैन को ब्लैकमेल करते हुए पैसों की मांग की गई है, जिसकी रिकार्डिंग उनके पास है। इस खेल में विधायक रविंद्र मच्छरौली का भी हाथ है। कपूर ने प्रदेश सरकार से इसकी विजिलेंस जांच व नार्को टेस्ट करवाने की मांग की है। उन्होंने जनता से जागरूक होने का आह्वान करते हुए कहा कि वे इस संबंध में अपने पार्षदों से जवाब मांगे।
कपूर ने कहा कि पार्षदों का पाला बदलने में विकास कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि मोटा माल कमाना मुद्दा बन गया है। भाजपा को समर्थन देने वाले विधायक रविंद्र मच्छरौली इनेलो व कांग्रेस के पार्षदों के साथ मिलकर कुर्सी बदलने का खेल खेलने का प्रयास कर रहे हैं। पहले भी कुच्छल को चेयरमैन बनाने के समय पैसे लिए और दूसरे पार्षदों को दिलवाए थे और अब फिर वही खेल खेला जा रहा है। कपूर ने आरोप लगाया कि नपा में बारह करोड़ की ग्रांट पड़ी है। जिसे पार्षद हड़पना चाहते हैं और चेयरमैन कुच्छल उसमें अड़ंगा डाल रहे हैं। पीपी कपूर ने कहा कि पार्षदों की खरीद-फरोख्त की जा रही है, ऐसा ही चलता रहा तो नपा भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाएगी। उनके पास जो भी सबूत हैं और वे इन सब सबूतों को पुलिस को सौपेंगे। उन्होंने बागी पार्षदों को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वे खुद जनता के सामने आकर भ्रष्टाचार की माफी मांगे अन्यथा उनके बारे में कच्चा चिट्ठा खोला जाएगा।
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विधायक रविंद्र मच्छरौली ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विकास नहीं होने की बात को लेकर पार्षद कई बार उनसे मिल चुके थे तथा उन्होंने चेयरमैन को विकास करवाने के लिए कहा था। लेकिन इसके बाद भी चेयरमैन के अड़ियल रुख के चलते पार्षद उसके खिलाफ हो गए। उन्होंने कहा कि पैसों के लेन-देन की बात गलत है और पार्षद जिसेे चाहेंगे उसे चेयरमैन बनाएंगे। जो भी चेयरमैन बनेगा पहले वो भाजपा की सदस्यता लेगा।
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