पानीपत। कोरोना के बाद अब शहर को डेंगू ने जकड़ लिया है। अक्तूबर में डेंगू के 45 नए केस मिल चुके हैं। मंगलवार को एक ही दिन में डेंगू के नाम 13 मरीज मिले। इन सबका निजी अस्पताल एवं खानपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। अब जिले में डेंगू के रोगियों की संख्या 58 पहुंच गई है।
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सिविल अस्पताल में डेंगू का 10 बेड का अलग से वार्ड बना दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब तक 3.2 लाख घरों की जांच कर चुकी है। 10 हजार स्थानों से डेंगू का लार्वा नष्ट किया गया है। तीन हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के परिजनों को प्लेटलेट्स के लिए डोनर ढूंढने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में प्लेटलेट्स फ्री में मिलने का कोई साधन नहीं है।
अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों के लिए शुरू हुआ फ्लू कॉर्नर
सिविल अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों के लिए फ्लू कॉर्नर शुरू किया गया है। यहां कोरोना सैंपलिंग से लेकर कई सुविधा एक ही जगह दी गई है ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। सोमवार से यहां डॉक्टर ने बैठना भी शुरू कर दिया है। सबसे पहले कमरे में डॉक्टर की पर्ची काटी जाएगी। इसके बाद अगले ही कमरे में कोरोना सैंपलिंग की सुविधा दी गई है। इससे अगले कमरे में ड्यूटी डॉक्टर बैठेगा। यहां बैठे डॉक्टर से मरीज अपनी जांच करा सकता है। सुबह 9 से शाम 5 या 6 बजे तक यहां सेवाएं जारी रहेंगी। दरअसल, कोरोना संक्रमण, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और खांसी के मरीजों की ओपीडी में भीड़ न बढ़े, इसके लिए सरकार ने फ्लू कार्नर खोलने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में प्रत्येक दिन अब 1400 तक मरीज पहुंचते हैं।
डेंगू की डेन-2 सबसे खतरनाक
डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 सीरोटाइप हैं। डेन-2 सबसे खतरनाक है, इसमें डेन-3 में बदलाव की आशंका है। बदलाव से स्ट्रेन खतरनाक हो जाता है। इससे तंत्रिका तंत्र, बोनमेरो, हृदय, किडनी, लीवर समेत शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। प्लेटलेट्स भी तेजी से गिरती हैं। पिछले पांच साल में डेंगू से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल अब तक मलेरिया के तीन केस मिले हैं।
आयुष्मान कार्ड से हो सकता है डेंगू : मलेरिया का इलाज
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पैनल वाले निजी अस्पतालों में पात्र मरीज हेमरेजिक डेंगू एवं मलेरिया का निशुल्क इलाज करा सकते हैं। पात्र मरीज को इलाज मिलने में दिक्कत आती है तो सिविल अस्पताल में योजना के नोडल अधिकारियों से मदद मांग सकते हैं। नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने बताया कि दोनों बीमारियों का इलाज पैनल वाले निजी अस्पतालों में निशुल्क होता है।
आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष केस
2017 469
2018 133
2019 04
2020 272
2021 58 (19 अक्तूबर तक)
डेंगू का वार्ड तैयार, लोग रहे सतर्क: डॉ. ग्रोवर
पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि डेंगू के लिए अलग से 10 बेड का अस्पताल तैयार कर लिया गया है। डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों से अपील है कि वो डेंगू के खिलाफ जागरूक हों। अपने घरों में पानी जमा न होने दें।