दो गांवों में दो केस मलेरिया पॉजीटिव और दो गांवों में दो ही मच्छर का लारवा मिलने पर विभाग में हडकंप, दवाई का स्प्रै शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
सनौली । जिले में सबसे पहले स्वास्थय विभाग ने यमुना से सटे जिन गांवों में पिछले वर्ष मलेरिया के अधिक केस मिले थे उन गांवों में मलेरिया की रोकथाम को लेकर दवाई का छिड़काव चलाया जा रहा हैं । बापौली पीएचसी के अंतर्गत आने वाले गांव रिशपूर और भलौर में दो केस मलेरिया पॉजीटिव मिलने पर विभाग में हडकंप मच गया हैं। इन दोनों गांवों में डेलटामैथरिन दवाईयां का फोकल स्पे्र्र कराया गया हैं। वहीं गांव बापौली और जलालपुर के दो घरों में मच्छर का लार्वा मिलने पर घर मालिकों को नोटिस दिया और कुलर को खाली कराया गया। स्वास्थय विभाग की हेल्थ निरिक्षक सुशील कुमार टीम सहित गांवों में घर-घर जाकर लोगों को पानी की टंकी, पानी की होदी, कुलर, फ्रिज, गमले आदि पानी के कंटेनरों की साफ सफाई बारे जागरूक किया जा रहा हैं । बुखार से पीड़ित रोगियों की स्लाईन बना कर जांच कर दवाईयां दी जा रही हैं। बरसात के सीजन के चलते मलेरिया की रोकथाम के लिए सीएचसी की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सनौली-बापौली ब्लॉक के गांव शिमला गुजरान, बापौली आदि गांवों में दवाई का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि इस बार इन गांवों में मलेरिया की रोकथाम हो सके। वहीं स्वास्थय विभाग के एसएमओ ड़ा कर्मबीर चौपड़ा, स्वास्थ्य निरीक्षक सुशील कुमार टीम सहित गांवों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं ।
स्वास्थ्य निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में मलेरिया के मरीजों की सं या बढ़ जाती है। बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव गंाव जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ बीमारी से ग्रस्त लोगों की ब्लड स्लाइड बना रही है, ताकि समय रहते लोगों का सही तरीके से उपचार किया जा सके और बीमारी ज्यादा न फैले इसके लिए भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दे, पानी की टंकी को अच्छी तरह से ढक कर रखें, कूलर व टंकी का एक सप्ताह के अंदर पानी खाली करें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे, अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो वह लापरवाही न बरत कर नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच करवाएं। हैल्थ निरिक्षक सुशील कुमार ने बताया कि घरो में रखे पानीे को टब व हैदी को साफ कराने के लिए जागरूक किया और पानी में पनपने वाले मच्छरो से फैलनी वाली बिमारियों से बचाव बारे जानकारी दी । पीने के पानी में क्लोरिन की मात्रा की भी जांच की और ग्रामीणों को क्लारिन युक्त पीने के पानी का प्रयोग करने पर जोर दिया । और घर व घरों के आसपास पीने के पानी व पानी के टेंक को एक सप्ताह से पहले से साफ करने का सुझाव दिया । इस अवसर पर राजेश कुमार, सलेन्द्र, रोहताश, दर्शना देवी, राजा आदि मौजूद रही।