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तीन दिन पहले डिलीवरी के दौरान बच्ची की टूटी थी टांग, अब तीन दिन परिजन बच्ची को लेकर काट रहे हैं पीजीआई व अस्पताल के चक्कर

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डिलीवरी के दौरान बच्ची की टूटी थी टांग, परिजन काट रहे चक्कर
सिविल अस्पताल से खानपुर फिर पीजीआई और वापस पानीपत भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में तीन दिन पहले डिलीवरी के दौरान नवजात बच्ची की टांग टूट गई थी। डॉक्टरों ने बच्ची को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां से डॉक्टरों ने बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी इलाज नहीं हुआ। बच्ची दो दिन से दर्द से कराह रही है। चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने बच्ची को बिना इलाज ही पानीपत वापस भेज दिया। अब बच्ची के परिजन बच्ची को टूटी टांग के साथ उठाकर घूम रहे हैं, लेकिन अब तक उसे इलाज नहीं मिला है।
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बिंटू निवासी गांव शेरा ने बताया कि उसकी पत्नी ने 30 जून को सिविल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। डिलीवरी के दौरान बच्ची के दाए पैर की हड्डी टूट गई थी। डॉक्टरों ने बच्ची को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उन्हें बच्ची को खानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मिली। उन्हें प्राइवेट एंबुलेंस के सहारे खानपुर जाना पड़ा। खानपुर में डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची के पैर की हड्डी में बहुत ज्यादा गैप है। उन्होंने बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। लेकिन वहां उन्होंने 12 घंटे तक डॉक्टर का इंतजार किया, लेकिन उनका नंबर नहीं आया, बाद में उन्हें पानीपत वापस भेज दिया गया। वे तीन दिन से बच्ची की टांग के इलाज के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन किसी ने बच्ची का इलाज नहीं किया। वहीं इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा का कहना है कि बच्ची के पैर की हड्डी में गैप है। बच्ची की हड्डी जन्मजात ही ऐसी है। बच्ची का इलाज शुरू कर दिया गया है। इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
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