गंदगी का उठान न होने से परेशान लोग शिकायत के लिए सर्वेक्षण टीम के आने का कर रहे इंतजार, नगर निगम अधिकारी शहर में सफाई व्यवस्था को सही बताते हुए टॉप टेन में आने की कर रहे तैयारी
आशू गौतम
पानीपत। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण चार जनवरी से शुरू होगा। नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी भी पूरी तरह से उत्साहित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी तरफ से सफाई कार्य पूरा हो चुका है। शहर में मुख्य सड़क से ही कूड़ा उठाया जा रहा है। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगर निगम की टीम की तैयारियों व उनके करवाए काम के बारे में अमर उजाला ने लाइव ग्राउंड रिपोर्ट की। जिसमें मिला की कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है, कॉलोनियों में काफी लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिस कारण से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी निवासियों का कहना है कि जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लग गए हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कॉलोनी की इस समस्या के समाधान के लिए पार्षद, विधायक, नगर निगम अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। साथ ही इसके लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनीं हुई है। लोगों का कहना है कि विधायक, अधिकारी सहित उच्च अधिकारियों के निवास स्थान के पास तो बहुत ज्यादा सफाई देखने को मिलती है। जिसके हिसाब से ही वो शहर की सफाई व्यवस्था को आंकलन करते हैं।
गंदगी से परेशान लोग स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम के शहर में आने की राह ताख रहे है। लोगों का कहना है कि वो टीम से ही गंदगी की शिकायत देकर समाधान करवाने की कोशिश करेंगे।
इन चार लेवल पर होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
1. सर्विस लेवल प्रोग्रेस सात स्तर पर जांचा जाएगा। जिसमें निगम की ऑनलाइन सेवाओं और पोर्टल को देखा जाएगा। यह रिपोर्ट बेस और मौका मुआयना दोनों पर आधारित होगा। इसमें 1250 अंक प्राप्त होंगे।
2. डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन: इसमें शहर की सुंदरता पर आधारित नंबर होंगे। जिसमें पेंटिंग और बैनर की रिपोर्ट जांची जाएगी। फुटपाथ के साथ नालों की सफाई और शहर में जलभराव की स्थिति भी जांची जाएगी। सहायक एलिवेटिड हाइवे के नीचे 220 पिलरों पर पेंटिंग करने और लघु सचिवालय व स्काई लार्क की चहारदीवारी पर लिखे गए स्लोगन होंगे।
3. सिटीजन फीडबैक: सिटीजन फीडबैक में सात सवाल शहर की जनता से पूछे जाएंगे। ये नंबर उनके जवाबों पर आधारित होंगे। इन सात सवालों के 800 नंबर होंगे। वहीं 400 नंबर स्वच्छता एप डाउनलोडिंग के होंगे।
4. सर्टिफिकेशन: सर्टिफिकेशन में कचरा मुक्त शहर गारबेज फ्री सिटी और ओडीएफ फ्री से संबंधित सवाल होंगे। सब्जी मंडी में साफ सफाई की स्थिति को भी जांचा जाएगा। इसमें सबसे बड़ा विषय शहर ओडीएफ फ्री होना है। इसके 150 नंबर है।
अमर उजाला द्वारा एक लाइव कवरेज की गई। जिसमें मिला कि शहर की मुख्य सड़क से तो कूड़ा उठाया जा रहा है और हर रोज रोड पर झाड़ू भी लगाई जा रही है, लेकिन कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे मिले है।
लोगों की समस्या व सुझाव
1. वार्ड 19 शास्त्री कॉलोनी में पहुंचे तो वहां पर कूड़े के ढेर लगे मिले है। वहीं कॉलोनी निवासी विकास से बातचीत की ।
1. सवाल : कॉलोनी में क्या-क्या समस्याएं है?
जवाब : कॉलोनी में एक माह से कूड़ा उठान नहीं हुआ है।
2. सवाल : समस्या से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?
जवाब : हर रोज कॉलोनी में सफाई होनी चाहिए।
3. सवाल : शहर स्वच्छता में कैसे नंबर वन आ सकता है?
जवाब : कर्मचारियों को जिम्मेदारी से काम करना होगा। हर मोड़ पर कूड़ेदान होना चाहिए, जिससे लोग कूड़े को कूड़ेदान में डाल सके।
2. डेहा बस्ती में कूड़े के साथ-साथ गंदे पानी की निकासी की असुविधा मिली है। कॉलोनी निवासी संतोष से बातचीत से सवाल जवाब किए गए।
1. सवाल : कॉलोनी में कितने दिन से कूड़ा उठान नहीं हुआ है?
जवाब : कॉलोनी में 3 माह से कूड़ा उठान नहीं हुआ है।
सवाल : कूड़ा उठान ना होने के कारण किसी से शिकायत की है?
जवाब : विधायक रोहिता रेवड़ी व सफाई कर्मचारियों से एक बार नहीं कई बार शिकायत कर चुके है।
सवाल : कै से समस्या से छुटकारा मिल सकता है?
जवाब : हर रोज सफाई होनी चाहिए।
सवाल : स्वच्छता में कैसे नंबर वन आ सकते है?
जवाब : कर्मचारियों के साथ-साथ जनता को भी जागरूक होना होगा और पॉलीथीन का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए।
3. वार्ड 12 विद्यानंद में 10 प्लाटों में कूड़े के ढेर व गंदे पानी का ठहराव मिला है। वहीं कॉलोनी निवासी यशपाल कश्यप से बातचीत हुई ।
1. सवाल : कॉलोनी में प्लाटों में पानी का ठहराव कितने दिन से है और क्यों है?
जवाब : कॉलोनी में नाली ना होने के कारण लोगों को मजबूरन खाली प्लाटों में गंदे पानी को छोडना पड़ रहा है और यह समस्या पिछले तीन साल से आ रही है।
सवाल : इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?
जवाब : कॉलोनी में नालियां बनवाई जानी चाहिए, जिससे गंदे पानी की निकासी हो सके।
सवाल : शहर को कैसे स्वच्छ बनाया जा सकता है?
जवाब : कर्मचारियों को मुख्य सड़क के साथ- साथ कॉलोनी की भी सफाई करनी चाहिए, जिससे कॉलोनी में लगे कूड़े के ढेर से निजात मिल सके।
4. धूप सिंह नगर निवासी राजेश से बातचीत
सवाल : कॉलोनी में क्या समस्या है?
जवाब : सफाई कर्मचारी दो सप्ताह में एक बार कूड़ा उठाने के लिए आते है।
सवाल : इस समस्या को लेकर किसी से शिकायत की?
जवाब : अधिकारी से तो कई बार शिकायत की है, लेकिन अब स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम से ही शिकायत करेंगे।सवाल : स्वच्छता सर्वेक्षण में कै से नंबर-1 आ सकते हैं?
जवाब : शहर में स्वच्छता ऐप द्वारा आई समस्या का समाधान कराना चाहिए। पार्षदों को भी काम के प्रति जागरूक होना चाहिए।
5. बलजीत नगर में मुकेश से बातचीत
सवाल : कॉलोनी में क्या समस्या है?
जवाब : सफाई कर्मचारी मुख्य सड़क से चले जाते है, जिस कारण कॉलोनी में कूड़े का ढेर लग गया है।
सवाल : समस्या का कैसे समाधान हो सकता है?
जवाब : नगर निगम कर्मचारियों को मुख्य सड़क के साथ-साथ गली के अंदर की भी सफाई करनी चाहिए।
सवाल : शहर को स्वच्छता में कैसे नंबर -1 बनाया जा सकता है?
जवाब : सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है और इसके साथ-साथ सफाई के संसाधनों को भी बढाने की जरूरत है।
6. भारत नगर कवरपाल खोखर से बातचीत
सवाल : कॉलोनी में क्या समस्या है?
जवाब : कॉलोनी में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा उठान ना होनी है।
सवाल : कूड़ा उठान ना होने के कारण किसी से शिकायत की है?
जवाब : कॉलोनी के पार्षद संजीव से कई बार शिकायत कर चुके थे।
सवाल : इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?
जवाब : लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और मुख्य सड़क के साथ-कॉलोनी के अंदर की भी सफाई करनी होगी।
7. मनमोहन नगर किशन लाल से बातचीत
सवाल : कॉलानी में क्या समस्या है?
जवाब : कॉलोनी में डंपिंग स्थान से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है।
सवाल : कैसे समाधान हो सकता है?
जवाब : कॉलोनी की मुख्य सड़क से डंपिंग स्थान को हटाना चाहिए, जिससे लोगों को आने-जाने में सुविधा हो सके।सवाल : स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर कैसे नंबर-1 आ सकता है?
जवाब : शहर की मुख्य सड़क से डंपिंग स्थान को हटाना चाहिए । डंपिंग स्थान को ऐसे जगह पर बनाना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी ना हो ।
पिछले दो सर्वेक्षणों में 335 से 253वें रैंक पर आया पानीपत-
-स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में पानीपत की 335 वीं रैंकिंग थी और 2018 में पानीपत 253 वें रैंकिंग पर आया है। नगर निगम अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में टॉप 50 शहरों में शामिल होने का दावा कर रहा है।
5000 नंबरों पर होगा सर्वेक्षण -
शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण को चार भागों में बाटा गया है। हर भाग में 1250 अंक होंगे। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस, डायरेक्टर ऑब्जर्वेशन, सर्टिफि केशन व सिटीजन फीडबैक को लेकर ही 5000 अंक दिए जाएंगे। खुद का घर छोड़कर किराए पर रहने के लिए मजबूर : नसीमविद्यानंद कॉलोनी निवासी नसीम का कहना है कि उसका 100 गज का मकान था। लेकिन घर की बाई तरफ गंदा पानी जमा होने के कारण पूरे घर में दरार आ चुकी है। जिसके कारण वह खुद मकान छोड़कर किराए पर रहने के लिए मजबूर हो गया है। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत वार्ड के पार्षद से भी की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
नगर निगम की तरफ से किए जा रहे ये प्रयास :
1 शहर में शौचालयों को मेनटेन किया गया है।
2. लोगों को जागरूक करने के लिए स्वच्छता रथ लाया गया है।
3. डोर टू डोर कूड़ा उठान किया जा रहा है।
4. डंपिंग स्थान को बदल कर खुले स्थान में बनाया गया है।
5. सफाई के संसाधनों को बढ़ाया गया है।
6. सफाई के लिए स्वच्छता ऐप बनाया गया है।
7. सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।
शहर में स्वच्छता को लेकर कार्य अभी शुरू है, सफाई कर्मचारियों की भी संख्या को बढ़ाया गया है, जिससे वह हर कॉलोनी में सफाई कर सके। इसके साथ-साथ स्वच्छता रथ भी लाया गया है और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
प्रियंका सोनी, नगर निगम कमिश्रर,पानीपत।