समालखा। यमुना के बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए इसमें मिलने वाले 11 प्रमुख नालों की जल गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने इनको चिह्नित कर लिया है। इसमें एचसीपीसीबी के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और यह समिति नालों और नदी दोनों के जल गुणवत्ता मापदंडों पर मासिक आधार पर नजर रखेगी।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने मई में इस मुद्दे को उठाया था और बताया था कि यमुना के कुछ हिस्से प्राकृतिक और मानवीय गतिविधियों के कारण देश में सबसे प्रदूषित हैं। एचएसपीसीबी ने पिछले तीन वर्षों (2022-2025) में कई नालों की बिगड़ती स्थिति को सामने लाते हुए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की। रिपोर्ट में डिच ड्रेन, पानीपत ड्रेन नंबर, सोनीपत के ड्रेन नंबर 6 और बुढ़िया नाला के लेग 1, 2 और 3 सहित प्रमुख नालों में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) के स्तर में वृद्धि देखी गई। समिति 11 प्रमुख नालों से होकर बहने वाले अपशिष्ट जल के उपचार की देखरेख करेगी।
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खोजकीपुर गांव में ड्रेन नंबर 2 यमुना में मिल रही
नए, उन्नत और प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थिति, सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) की प्रगति, यमुना जलग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहरों में सीवरेज नेटवर्क का पूरा होना और नदी के किनारे बसे गांवों में उपचार प्रणालियों की स्थापना। मुख्य सचिव ने यमुना के क्षरण में योगदान देने वाले अनियंत्रित औद्योगिक प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। एचएसपीसीबी ने बताया कि राज्य में लगभग तीन हजार जल-प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाई चल रही हैं और अधिकांश नालों में पानी की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि एक प्रमुख मुद्दा इन इकाइयों में अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (ईटीपी) का संचालन न करना था।
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उद्योग में लॉगबुक लगानी होगी
मुख्य सचिव ने एचएसपीसीबी को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सभी उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिजली विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अपने ईटीपी और एसटीपी पर अलग-अलग सीलबंद ऊर्जा मीटर लगाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक उद्योग को इन संयंत्रों के लिए दैनिक बिजली खपत को दर्शाने वाली एक अलग लॉगबुक बनाए रखनी होगी, तथा यह डेटा हर 15 दिन में एचएसपीसीबी को प्रस्तुत करना होगा।