दिनभर रूक-रूक कर होती रही बूंदाबांदी, लुढका पारा
पानीपत। जहां फरवरी माह में मौसम में चले परिवर्तन के दौर लगातार जारी रहा, वहीं मार्च माह के दूसरे दिन मौसम ने फिर यू-टर्न लिया। शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे और रुक -रुक कर बूंदाबांदी होती रही। मौसम का बदला मिजाज तीन दिन जारी रह सकता है। इस दौरान जहां बादल छाए रहने की संभावना है, वहीं कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।
विदाई लेने के लिए दहलीज पर खड़ी सर्दी मौसम के बदले मिजाज और शनिवार की सुबह से रूक-रूक कर हो रही बूंदाबांदी के बाद फिर से ठहर गई है। दिनभर चली बूंदाबांदी से लोगों का कामकाज भी प्रभावित रहा। एक जगह से दूसरी जगह जाने वालों खासकर दोपहिया वाहनों या पैदल वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तापमान में भी आंशिक परिवर्तन देखने को मिला।
7 से बढ़कर 13 डिग्री तक पहुंचा न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार बीते दिनों चलने वाली तेज हवाओं से विशेषकर रात को सिहरन बढ़ गई थी जिससे तापमान में गिरावट आई थी। दो दिन से तापमान में उछाल दर्ज किया गया। दो दिन पहले तक जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री तक बना हुआ था, वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
गेहूं की फसल को मिलेगा फायदा
पानीपत क्षेत्र में अब तक हुई बारिश अथवा बूंदाबांदी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो हल्की बारिश अथवा बूंदाबांदी से विशेषकर गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। तेज बारिश अथवा ओलावृष्टि होने की स्थिति में फसलों को नुकसान हो सकता है। तेज हवाएं भी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन दिनों हवा की गति भी 10 से 22 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की जा रही है।
रविवार व सोमवार को भी हो सकती है बूंदाबांदी : श्याम सिंह
शनिवार को 4 एमएम बारिश दर्ज की गई। आगामी दो दिनों भी बारिश या बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। हालांकि उसके बाद मौसम साफ हो सकता है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। बीते दिनों के दो दिनों से तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हवा की गति 11 किमी प्रति घंटा, नमी की मात्रा 62 प्रतिशत तथा दृश्यता 16 किमी दर्ज की गई।
श्याम सिंह, मौसम विशेषज्ञ।