सिविल अस्पताल में हर बेड पर मिलेगी ऑक्सीजन की सुविधा
सिविल अस्पताल में लगा 30 लाख में 7 हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट
संदीप भौरिया
पानीपत। सिविल अस्पताल में अब रोगियों को ऑक्सीजन सिलिंडर को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब सिविल अस्पताल में ही ऑक्सीजन प्लांट लग कर तैयार हो चुका है। 200 बेड के नए सिविल अस्पताल में 7 हजार लीटर ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। इसको तैयार करने में 30 लाख रुपये तक का खर्च आया है। जिन रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत होगी, उन्हें बेड टू बेड ऑक्सीजन मिलेगी। राज्य सरकार ने गोरखपुर में ऑक्सीजन से 52 बच्चों की मौत के बाद ये बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में जहां भी नए अस्पताल बनेंगे वहां पर इस प्लांट का होना अनिवार्य होगा।
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड, ऑपरेशन थियेटर व आईसीयू में ऑक्सीजन की फिटिंग पूरी हो चुकी है। फिटिंग की 12 इंच चौड़ी पाइप को प्लांट से कनेक्ट कर दिया गया है। जैसे ही नई बिल्डिंग का उद्घाटन होगा, ऑक्सीजन की सप्लाई भी खोल दी जाएगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में ऑक्सीजन के सिलिंडर की सप्लाई भी जारी रखने का फैसला लिया है।
सिविल अस्पताल में फिलहाल 24 ऑक्सीजन सिलिंडर हर रोज आते हैं। हर तीन माह में ड्रग कंट्रोलर ऑक्सीजन की शुद्धता जानने के लिए सैंपल लेते हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद गैस में मिलावट की आशंका नहीं रहेगी।
ऑक्सीजन प्लांट बनाने पर सरकार ने काफी ध्यान दिया है : वर्मा
प्रदेश सरकार ने अब ये फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट होना चाहिए। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कोई कमी ना हो इसलिए प्लांट लगाया गया है। इससे मरीजों को 24 घंटे प्योर ऑक्सीजन मिल सकेगी। प्लांट की क्षमता 7 हजार लीटर है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।