पानीपत। जिले में 10वीं एवं 12वीं के 10,128 विद्यार्थियों ने कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया है। ऐसे में इन विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा। स्कूल में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों को टीके की पहली डोज लेने का प्रमाणपत्र दिखाना होगा।
बीते 29 दिन में स्वास्थ्य विभाग 48,306 पात्रों का ही टीकाकरण कर सका है। अब भी 18 प्रतिशत पात्र टीकाकरण से वंचित है। सिविल सर्जन ने आशा वर्कर को निर्देश दिया है कि पात्रों के माता-पिता को कॉल कर टीका लगाने के लिए प्रेरित करें।
पहली जनवरी से बंद हैं स्कूल
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। स्कूल पहली जनवरी से बंद हैं। 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहा, उसके बाद बढ़ते संक्रमण के कारण 26 जनवरी तक छुट्टियां कर दी गईं। 13 जनवरी से शिक्षकों के लिए 50 फीसदी रोस्टर लागू किया गया। अब एक फरवरी से ऑफलाइन कक्षाएं लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जारी रहेगी ऑनलाइन कक्षाएं
स्कूलों की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। सभी स्कूलों को मुख्य गेट और कक्षाओं में सैनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। इसके साथ ही कक्षा में मास्क और उचित दूरी बनाने के नियम का भी पालन करना होगा।
- सभी स्कूलों को एसओपी के अनुसार स्कूल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 75 प्रतिशत विद्यार्थियों को वैक्सीन लग चुकी है। जिन विद्यार्थियों को वैक्सीन लगी है, वे ही स्कूल आने के पात्र होंगे। सभी विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने पर फोकस किया जा रहा है ताकि सभी विद्यार्थी स्कूल आकर सुरक्षित तरीके से पढ़ाई कर सकें।
- रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
आशा वर्कर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पात्रों के माता-पिता को कॉल कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक करें। पात्रों को टीकाकरण केंद्रों तक लेकर आएं। इन पात्रों के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। सभी पात्रों से अपील है कि टीकाकरण अवश्य कराएं।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन