चंडीगढ़। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर वायरल ऑडियो मामले में शिअद नेता अर्शदीप सिंह कलेर रविवार को पंजाब पुलिस की एसआईटी के समक्ष पेश हुए। बयान दर्ज करवाने के बाद कलेर ने कहा कि ऑडियो की सीएफएसएल चंडीगढ़ से जांच करवाई जानी चाहिए। साथ ही इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को आवाज के सैंपल लेने के लिए बुलाया जाए। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी मांग की है।
कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल ने साफ कहा है कि उनकी तरफ से यह ऑडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वायरल की गई है और वह खुद इस ऑडियो को निष्पक्ष जांच चाहते हैं। मामले के बाद ही एसआईटी ने शिअद प्रधान सुखबीर बादल समेत अन्य कार्यकर्ताओं और लोगों को नोटिस जारी किया था। कलेर ने कहा कि मैंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को दी थी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी याचिका डाली थी। इसके बाद पटियाला के एक पुलिस अधिकारी की तरफ से चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा गया कि यह ऑडियो एआई से बनी है। यह बात पुलिस को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में आकर कहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वीडियो की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए क्योंकि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए यह बहुत जरूरी है। शिअद नेताओं व अन्य लोगों को नोटिस जारी करने की जगह पुलिस को इस मामले की जांच करने में रुचि दिखानी चाहिए। इससे पहले पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के दौरान पुलिस के अफसरों की कथित कॉन्फ्रेंस कॉल को लेकर दर्ज एफआईआर की कॉपी सामने आई। शिअद ने पुलिस अधिकारी की एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर चुनाव प्रभावित करने की शिकायत दी थी जिसमें आरोप लगाया था कि वायरल ऑडियो में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे थे कि पंचायत व जिला परिषद चुनाव के दौरान विपक्ष के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जाए।