चंडीगढ़। नशे के आदी हो चुके युवक भी अब नौकरी के काबिल बन सकेंगे। यह संभव हो सकेगा मिशन ‘रेड स्काई’ के तहत। जल्द ही पंजाब के 18 जिलों में ‘रेड स्काई’ की शुरुआत की जाएगी। मिशन के तहत नशा केंद्रों में रहने वाले युवाओं को चिह्नित किया जाएगा। इस कार्य के लिए 50 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी केंद्रों से चिह्नित हुए युवाओं को प्रशिक्षण देंगे और उनकी प्रतिभा को निखारेंगे।
पंजाब सरकार के घर-घर रोजगार व कारोबार मिशन के तहत नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज करवा रहे व्यक्तियों को रोजगार, स्वरोजगार के काबिल बनाने के लिए मिशन ‘रेड स्काई’ शुरू किया जा रहा है। जो व्यक्ति नशा छोड़कर अपना काम शुरू करने के इच्छुक होंगे, उनके लिए यह मिशन वरदान साबित होगा। केंद्र व राज्य सरकार की चल रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वरोजगार में सहायता भी की जाएगी। मिशन को सफल बनाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से जिले के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
मिशन के तहत पंजाब के हर जिले से नशे के आदी 500 युवकों की पहचान की जाएगी। सरकार की यह मंशा है कि हर साल 10000 युवाओं को चिह्नित कर उन्हें नौकरी के काबिल बनाया जाए, जिससे सूबे का भी विकास हो सके। जल्द ही अधिकारी सूबे के नशा केंद्रों में ऐसे युवाओं की पहचान का काम शुरू करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर डीसी और ब्लॉक स्तर पर एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है।
पंजाब के 18 जिलों में मिशन रेड स्काई शुरू किया जाएगा। इनमें पंजाब का औद्योगिक जिला लुधियाना, जालंधर, तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, बठिंडा, शहीद भगत सिंह नगर, मुक्तसर, संगरूर, पटियाला, पठानकोट, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला आदि जिलों को शामिल किया गया है।
सूबे में नशे के आदी युवकों के लिए उठाए जाने वाला सरकार का यह बेहद अच्छा कदम है। इस मिशन के तहत नशे के आदी युवकों की केंद्रों में पहचान की जाएगी। फिर वह नौकरी के काबिल बन सकें, इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
- विनीत कुमार, को-ऑर्डिनेटर, मिशन रेड स्काई, पंजाब