पंचकूला। स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। युवाओं को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी प्रचारित किया। उक्त शब्द सेक्टर-14 स्थित हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस विचार संगोष्ठी को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहे।
इस दौरान उन्होंने डॉ. एमएम जुनेजा द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारत की युवा पीढ़ी कैसी हो’ और अकादमी के प्रकाशन ‘स्वामी विवेकानंद का आहन’ का विमोचन भी किया। इससे पहले अकादमी भवन में उर्दू अकादमी की कला दीर्घा का अवलोकन भी किया। गुप्ता ने कहा कि हम युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें नशे की तरफ जाने से रोक सकते हैं। सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ लोगों को भी इस दिशा में आगे आना होगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के अध्यक्ष केके शारदा ने भी डॉ. एमएम जुनेजा की पुस्तक को भारत की युवा पीढ़ी के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश युवा मोर्चा के महामंत्री योगेंद्र शर्मा, चंडी मंडलाध्यक्ष संदीप यादव उपस्थित थे।
युवाओं को भटकाने का हो रहा प्रयास
संगोष्ठी में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् पूर्व आईएएस विवेक अत्रे और हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्म दिवस देश भर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारत युवाओं का देश है और यहां के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों और खिलाड़ियों ने न केवल देश में बल्कि विश्व में ख्याति अर्जित की है। यह चिंता का विषय है कि आज कुछ असामाजिक ताकतों द्वारा युवाओं को लक्ष्य से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को गलत दिशा में जाने से रोकने के लिए उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है।