चंडीगढ़। शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के पक्ष में शुक्रवार को यूथ अकाली दल सड़कों पर उतर आया। युवा अकालियों ने मजीठिया पर दर्ज किए गए मुकदमे को झूठा बताते हुए प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में धरना और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे युवा अकाली नेताओं ने आरोप लगाए कि सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर ऐसे मामलों को उजागर कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार इन झूठे मुकदमों को वापस नहीं लेती है तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे।
युवा अकाली दल और भारतीय छात्र संगठन के सदस्यों सहित युवाओं की एक बड़ी सभा में, अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस सरकार द्वारा इस नकली ड्रग मामले का विरोध किया। पोस्टर और बैनर लेकर युवकों ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के खिलाफ नारेबाजी की और पुतले फूंके।
युवा अकाली दल अध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाना ने कहा कि प्रदेश के युवा कांग्रेस सरकार द्वारा युवाओं में लोकप्रिय मजीठिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने से आक्रोशित हैं। राज्य का पूरा युवा मजीठिया के समर्थन में सामने आया है और कांग्रेस सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें लोकप्रिय नेता के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। ये युवा आने वाले चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ अहम भूमिका निभाएंगे और चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ भारी संख्या में मतदाताओं को लामबंद कर अपना गुस्सा जाहिर करेंगे।
यूथ अकाली दल के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मजीठिया के खिलाफ पूरा मामला गढ़ा गया है। सरकार ने दो डीजीपी को बदल दिया और अब तीसरे डीजीपी को कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक प्रतिशोध के एजेंडे को लागू करने के लिए नियुक्त किया गया है। नए डीजीपी ने मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश देकर सभी नियमों का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि यह पहला मामला है जब डीजीपी की ओर से इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह भी पहली बार है कि जिन मामलों में अदालतों ने अपना फैसला सुनाया है, शीर्ष अदालत की मंजूरी के बिना जांच फिर से शुरू की गई है।
उन्होंने यह मांग की कि मजीठिया के खिलाफ झूठा और निराधार मामला दर्ज करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य के बयानों सहित सोशल मीडिया पर इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस फर्जी मामले में मजीठिया को फंसाया जा रहा है। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में की जाए।