आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ एवं नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पत्र लिखकर कई वर्षों से सड़कों पर हताश होकर घूम रहे पंजाब के बेरोजगारों के मामले उठाए। चीमा ने मांग की है कि प्रदेश के सभी बेरोजगार नौजवानों को नौकरी दी जाए। 2017 में कांग्रेस घर-घर नौकरी के वादे के साथ सत्ता में आई थी। इसके साथ ही चन्नी सरकार को कांग्रेस का चुनावी मैनिफेस्टो याद करवाते हुए चीमा ने बेरोजगारों को प्रति महीना 2500 रुपये भत्ता अब तक के बकाया समेत दिए जाने की बात कही। चीमा ने कहा कि वीवीआईपी सुरक्षा के लिए गैर-पंजाबियों को भर्ती करना गलत है।
पार्टी मुख्यालय से सोमवार को मीडिया में मुख्यमंत्री को लिखा पत्र जारी करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों की नौजवानी विरोधी नीतियों के कारण आज पंजाब की 7.3 बेरोजगारी दर ने राष्ट्र की 4.8 प्रतिशत बेरोजगारी दर को भी पछाड़ दिया है, यह अत्यंत चिंताजनक है। चीमा ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि अकाली-भाजपा सरकार की तरह प्रदेश की कांग्रेस सरकार नौजवानों को न रोजगार देती है और न ही अपने नौजवानों पर भरोसा करती है।
इसकी मिसाल पिछली बादल सरकार द्वारा वर्ष 2013 में वीआईपी सुरक्षा के लिए इंटिग्रेटेड डिग्निटरीज प्रोटेक्शन यूनिट स्थापित करना है, जिसमें अब तक करीब 650 अधिकारी और कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर भर्ती किया जा चुका है। यह सभी अधिकारी-कर्मचारी पंजाब के बाहर दूर-दराज राज्यों से संबंधित हैं और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में काम कर चुके हैं। इन्हें पंजाबी भाषा भी अच्छी तरह नहीं आती, लेकिन इनकी भर्ती ने पंजाब पुलिस की सभी सीनियोरिटी लिस्ट बिगाड़ दी है और प्रदेश के सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों का हक मार लिया है।
चीमा ने बताया कि चुनावी समय के दौरान निकाले गए छोटे-मोटे पदों पर भी बाहरी राज्यों के उम्मीदवार कब्जा कर रहे हैं। पीएसटीसीएल में भर्ती की हाल ही के दौरान तैयार हुई अंतिम सूची में भी 50 से 71 प्रतिशत तक बाहरी उम्मीदवारों का नाम आना भी इसकी एक और मिसाल है। चीमा ने मांग की है कि बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को रोकने के लिए पंजाब सरकार अपने सभी वर्गों के उम्मीदवारों को पंजाब डोमिसाइल के अधिक नंबर निर्धारित करना सुनिश्चित करें। हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री चन्नी के दावों के उलट जल स्रोत विभाग के दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि चन्नी सरकार किस प्रकार सेवा मुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवाकाल में बढ़ोतरी कर रही है। इसके साथ ही चीमा ने सरकारी कॉलेजों में पढ़ा रहे गेस्ट फैकल्टी टीचरों को बिना शर्त पहल के आधार पर पक्का करने की मांग की।