पंचकूला। जिले के प्राइमरी स्कूलों में सोमवार को पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चे हंसते-खेलते स्कूल पहुंचे। जिले के स्कूलों में पहले दिन 20 से 25 फीसदी ही विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। अभी उपस्थिति के हिसाब से 50 फीसदी ही स्कूली बच्चे रोजाना स्कूल पहुंचेंगे। स्कूल में एंट्री के लिए बच्चों को अपने अभिभावकों का अनुमति पत्र दिखाना पड़ा। इसके साथ ही स्कूल में एंट्री से पहले बच्चों के तापमान की जांच भी की गई। सामान्य तापमान वाले बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। कोरोना की दूसरी लहर के समय अप्रैल से हरियाणा सरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया था। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, माता-पिता की पूर्व अनुमति के साथ ही बच्चों को स्कूल आने की अनुमति दी गई।
उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी
सरकार ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों के लिए उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। यह उनके माता-पिता पर निर्भर करेगी। इस प्रकार, उन छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी जो फिजिकल कक्षाओं में आना नहीं चाहते। यह आदेश सभी सरकारी, निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए लागू हैं। 1 सितंबर 2021 को राज्य में कक्षा 4 और 5 के लिए स्कूल फिर से शुरू हुए थे। इसके अलावा सरकार ने 23 जुलाई 2021 से कक्षा 9 से 12 के लिए फिजिकल क्लासेज फिर से शुरू करने को मंजूरी दी थी।
स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों की प्रतिक्रिया
अभिभावक मनीष, रिंकी, विक्रम ने कहा कि स्कूल में आकर जो पढ़ाई हो सकती है, वह ऑनलाइन नहीं की जा सकती। इसलिए सरकार द्वारा जो स्कूल खोलने का फैसला किया गया है वह ठीक है। इससे बच्चों को काफी कुछ सीखने के लिए मिलेगा। इससे पढ़ाई का स्तर भी अच्छा रहेगा । राजकीय प्राथमिक पाठशाला सेक्टर-6 के इंचार्ज इंदर राज और अध्यापक हकीकत ने बताया कि अभिभावकों की परमिशन लेने के बाद ही पहली से तीसरी तक की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। विद्यालय में मास्क पहनना अनिवार्य है। विभाग के निर्देशानुसार ही विद्यार्थियों का ध्यान रखा जाएगा।