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Panchkula News: दिसंबर में शुरू हो सकता है छह लेन के बाईपास का काम

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जीरकपुर बाईपास रूट का प्लान व नक्शा।
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डी-केथलोन से आगे सनौली, डफरपुर और पीरमुछल्ला से होते हुए घग्गर नदी को करेगा क्रॉस
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जून में खुलेगा 19.2 किलोमीटर जीरकपुर-पंचकूला बाईपास का टेंडर
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंजाब और हरियाणा में हाईब्रिड एन्युटी मोड पर बनने वाले 19.2 किलोमीटर लंबे बाईपास का काम 1 दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है। छह लेन की परियोजना पर 1878.3 करोड़ रुपये (18 अरब से अधिक) खर्च होंगे। जून 2025 में बाईपास के काम की टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी कवायद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। इसके लिए जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। विभाग ने डीपीआर तैयार कर ली है। यह बाईपास डी-केथलोन से आगे सनौली, डफरपुर और पीरमुछल्ला से होते हुए घग्गर नदी को क्रॉस करेगा।
इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से यातायात को हटाकर हिमाचल प्रदेश को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान कर जीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को जाम से निजात दिलाना है।
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6 किलोमीटर होगा एलिवेटेड मार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्ट ने बताया कि जीरकपुर में एनएच-7 (चंडीगढ़-बठिंडा) के जंक्शन से शुरू होकर पंचकूला में एनएच-5 (जीरकपुर-परमाणू) के जंक्शन पर आकर मिलेगा। इस बीच पांच फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। रिंग रोड को जोड़ने के लिए एंट्री पॉइंट पर एक जीरकपुर की तरफ और एक्जिट पॉइंट पर चंडीमंदिर में फ्लाईओवर बनेगा। वहीं एक्जिस्टिंग मार्ग को जोड़ने के लिए पूरे प्रोजेक्ट के बीच में तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 6 किलोमीटर का एलिवेटेड मार्ग घग्गर नदी पर पंचकूला से गुजरेगा।


इन जगहों से गुजरेगा बाईपास
न्यू चंडीगढ़ से शुरू होकर पंचकूला को जोड़ने वाला पीआर-7 जो मोहाली के एरोसिटी, इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड और जीरकपुर-पटियाला हाईवे को क्रॉस करके हुए अंबाला-दिल्ली हाईवे डी केथलोन तक पहले से बना हुआ है। अब डी-केथलोन से आगे पंचकूला की ओर यह सनौली, डफरपुर और पीरमुछल्ला से होते हुए घग्गर नदी को क्रॉस करते हुए जीरकपुर-परवाणू हाईवे तक जोड़ने का काम शुरू होगा। घग्गर पार के आउटर सेक्टरों से होते हुए पीआर-7, पंचकूला-यमुनानगर एक्सप्रेस वे को भी क्रॉस करेगा। इसके बाद यह डीएलएफ सिटी से होते हुए परवाणू में पंचकूला-शिमला एक्सप्रेस वे से कनेक्ट होगा। इतना ही नहीं, पिंजौर में बद्दी के लिए बनाए जा रहे बाईपास से भी इसकी कनेक्टिविटी होगी। इससे पंचकूला में ट्रैफिक की समस्या में जबरदस्त सुधार होगा।

क्या होता है हाईब्रिड एन्यूटी मोड
हाईब्रिड एन्यूटी मोड के तहत सरकार डेवलपर को परियोजना में होने वाले खर्च का 40 फीसदी भुगतान कार्य प्रारंभ होने से पहले करती है। शेष 60 फीसदी राशि डेवलपर को खुद लगानी होती है। यह अब तक अपनाए जा रहे बीओटी (टोल) मॉडल से बेहतर है, क्योंकि इसमें डेवलपर को परियोजना पर काम प्रारंभ करने के लिए वित्तीय संस्थानों से वित्तीय मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ता।
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कोट
19.2 किलोमीटर लंबे बाईपास की डीपीआर तैयार कर ली गई है। जून में इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। दिसंबर में प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। दिसंबर 2027 तक प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया जाएगा। -असीम बंसल, प्रोजेक्ट डायरेक्ट एनएचआई
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