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एसजीपीसी में सरकार का दखल नहीं होने देंगे : धामी

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चंडीगढ़। सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि आप सरकार कमेटी के अधिकार क्षेत्र वाले मसलों पर दखल दे रही है और इसे कतई सहन नहीं किया जा सकता। 105 साल पुरानी इस संस्था के इतिहास में ऐसा समय कभी नहीं आया, जब संस्था के अंदरूनी मामलों में इस तरह दखल दिया जा रहा हो।
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चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान धामी ने हाईकोर्ट में चल रहे केस व एसजीपीसी के एक्ट की प्रतियां दिखाते हुए कहा कि सरकार द्वारा जो कुछ चल रहा है वह एसजीपीसी को तोड़ने की साजिश जैसा है। सरकार कह रही है कि एसजीपीसी सहयोग नहीं कर रही, वे सरकार से पूछना चाहते हैं एसजीपीसी एक सांविधानिक और निर्वाचित सदस्यों की संस्था है, जो अपने एक्ट के तहत काम करती है, तो सरकार उनके अंदरूनी मामलों में दखल क्यों दे रही है।
धामी ने कहा कि यदि कोई सिस्टम खराब होता है तो एसजीपीसी उसे दुरुस्त करने में सक्षम है। आज तक किसी सरकार ने एसजीपीसी के मसलों में हस्तक्षेप नहीं किया। सरकार द्वारा किया जा रहा यह हमला एसजीपीसी मैनेजमेंट को तहस-नहस करने की साजिश है। जैसे हरियाणा की कमेटी अलग कर दी गई, इसी तरह कुछ ताकतें यह सोच रही हैं कि सिख कौम की शक्ति को कैसे बांटा जाए। इसी के चलते उन्होंने एसजीपीसी को टारगेट पर ले रखा है।
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धामी ने कहा कि यदि पुलिस मैनेजमेंट के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करेगी तो यह संस्था कैसे चलेगी। मैं एसजीपीसी का चौकीदार हूं और सिखों से कहता रहूंगा कि वह अपनी कौम के प्रति जागते रहें। इस वक्त जो कुछ चल रहा है वह एसजीपीसी को सीधे चुनौती देने जैसा है। पुलिस हमारे कर्मचारियों और रिकॉर्ड को तलब कर रही है, इसे भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सरकार इस मसले से राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। राजनीति ही करनी है तो सरकार पंजाब के लोगों को बताए कि उन्होंने जो वादे किए थे, क्या वे पूरे हो गए हैं। जो मसला सरकार उठा रही है, उसमें कोई भी बेअदबी नहीं है। यह हमारे अधिकार क्षेत्र का मसला है और हम इसे निपटाने में सक्षम हैं।
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