चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारें अपने पुत्र-भतीजों और चहेतों का ख्याल रखती थीं जबकि हमारी सरकार ने योग्य युवाओं को नौकरी दी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 48,000 स्पेशल बच्चों के लिए पहली बार शिक्षकों का अलग कैडर बनाया गया है जिससे प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को नए कौशल सीखने में बड़ा लाभ होगा।
मान ने शनिवार को शिक्षा विभाग में 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए ये बातें कहीं। नवनियुक्त उम्मीदवारों में 385 स्पेशल एजुकेटर टीचर, 157 प्राइमरी टीचर, 8 प्रिंसिपल और अनुकंपा के आधार पर भर्ती 56 कर्मचारी शामिल हैं।
मान ने आरोप लगाया कि केंद्र ने हमेशा बजट में शिक्षा को नजरअंदाज किया जबकि दिल्ली में आप की सरकार आने के बाद शिक्षा के लिए 26-27 प्रतिशत बजट रखा गया। पंजाबियों को आज भी वह समय याद है जब युवा नियुक्तिपत्र की आस में सालों-साल डाकिए का इंतजार करते रहते थे लेकिन अब वह दौर खत्म हो गया। हमारी सरकार युवाओं को खुद नियुक्ति पत्र बांटकर सम्मान दे रही है।
भर्ती प्रक्रिया में पहले सभी कानूनी अड़चनों को दूर किया जाता है ताकि बाद में किसी भी तरह की रोक न लगे। सरकार का फोकस क्रेडिट वॉर नहीं बल्कि काम को जमीन पर उतारने और कर्मचारियों से सीधे संवाद पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 234 प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में विश्व स्तर की ट्रेनिंग प्राप्त की है जबकि 216 प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष ट्रेनिंग प्राप्त की है। जो शिक्षक मेहनत व ईमानदारी से पढ़ाएंगे उनके पास विदेश जाने का भी मौका है।
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि साल 2022 में सरकारी स्कूलों के 28 लाख बच्चों में से चार लाख बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। स्पेशल एजुकेटर की पदोन्नति की जा रही है ताकि नए पद बहाल हो सकें। इस अवसर पर नव-नियुक्त युवाओं ने मुख्यमंत्री से बातचीत भी की।
3 हजार स्पेशल एजुकेटर के पद भरे जाएंगे :
शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा ने बताया कि शिक्षा का स्तर उठाने के लिए 350 करोड़ रुपये के वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। साथ ही एक साल के अंदर 3 हजार स्पेशल एजुकेटर के पद भी भरे जाएंगे।