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महिला की हाईकोर्ट से गुहार, तीन तलाक कहने वाले पति पर हो एफआईआर

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पति द्वारा व्हाट्सएप पर तीन तलाक भेजने को संज्ञेय अपराध बताते हुए पत्नी ने पति पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जल्द ही इस याचिका पर सुनवाई करेगा।
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याचिका दाखिल करते हुए महिला ने बताया कि उसका विवाह 2011 में हुआ था और उसके पिता ने दहेज के रूप में बहुत कुछ दिया था। दिए गए दहेज से याची का पति और ससुराल वाले खुश नहीं थे और याची को अक्सर पीटा करते थे। कई बार गांव में पंचायत हुई और बड़े लोगों के सामने परिवार वाले वादा करते थे कि अब उसे नहीं मारेंगे, लेकिन कोई बदलाव नहीं आया। इसी बीच एक दिन याची के पति ने उसकी डंडे से पिटाई कर दी ,जिसके चलते उसे मलेरकोटला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालात बिगड़ने पर उसे पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान मिली शिकायत के आधार पर याची के पति और ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। इस बीच 20 जून 2020 को याची के पति ने उसे व्हाट्सएप पर तीन तलाक लिखकर भेज दिया। साथ ही अपनी नई पत्नी के साथ फोटो और शादी की फोटो भी भेजी। याची ने कहा कि नए कानून के अनुसार ऐसा करना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे में एफआईआर अनिवार्य है। इसके बावजूद दो रिप्रेजेंटेशन देने पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। याची ने कहा कि उसका पति प्रभावशील व्यक्ति है इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।
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