पंचकूला। फर्जी दस्तावेज तैयार करने व जीरकपुर में कमर्शियल प्लॉट दिलाने के नाम पर 48 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह में शामिल महिला आरोपी को पुलिस ने कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
आरोपी महिला की पहचान अंजू उर्फ अंजली निवासी सेक्टर- 27 पंचकूला के रूप में हुई है। 14 अक्तूबर को गिरफ्तार आरोपी महिला को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी ने खुद को रॉ एजेंट बताकर धमकी दी थी।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि 31 जुलाई 2024 को पंचकूला निवासी एक महिला ने शिकायत दी थी कि महिला ने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर उससे 48 लाख रुपये की ठगी की है। शिकायत पर एएसआई मनोज को जांच सौंपी गई थी।
यह है मामला : शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2019 में उसकी अंजू उर्फ अंजली मुलाकात हुई थी। उनके बच्चे एक ही स्कूल में पढ़ते थे जिससे आपसी नजदीकियां बढ़ीं। जनवरी 2023 में अंजू ने उन्हें और उनके पति को जीरकपुर की एक प्रॉपर्टी दिखाई। आरोपितों ने बताया कि यह प्रॉपर्टी यदविंदर सिंह निवासी जीरकपुर की है। बाजार मूल्य से कम दाम 1.50 करोड़ रुपये में प्रॉपर्टी मिल सकती है।
आरोपी ने कहा कि खास संबंधों के चलते सौदा संभव है और 38 लाख रुपये पहले देने होंगे। शिकायतकर्ता ने 17 फरवरी 2023 को यह राशि (बैंक और नकद, दोनों माध्यमों से) दी। इसके बाद उन्हें एक एग्रीमेंट टू सेल दिखाया गया जिसमें केवल विक्रेता का नाम था। बाद में दबाव डालकर नया एग्रीमेंट 17 अप्रैल 2023 को बनवाया गया। जब 19 जून 2023 को रजिस्ट्री की तारीख तय हुई तो बहाना बनाकर प्रक्रिया टाल दी गई। इसके बाद
अगस्त में एनओसी और अन्य दस्तावेजों के नाम पर 10 लाख रुपये और ले लिए गए।
कई महीनों तक रजिस्ट्री न होने पर शिकायतकर्ता ने जांच की तो पता चला कि न तो प्रॉपर्टी किसी यदविंदर सिंह की है और न कोई बिक्री प्रक्रिया चल रही थी। आरोपी ने 10 अक्तूबर 2024 को शिकायतकर्ता को 24 लाख रुपये के दो पोस्ट डेट चेक दिए जो बाद में बाउंस हो गए।
जांच में यह भी सामने आया कि एग्रीमेंट नोटरी से सत्यापित नहीं था और विक्रेता का पता भी फर्जी निकला। जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो आरोपी ने खुद को रॉ एजेंट बताकर धमकी दी थी।