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हरियाणा को बनाएंगे विश्व की खेल राजधानी : सीएम सैनी

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पंचकूला। प्रदेश सरकार का लक्ष्य हरियाणा को न केवल भारत बल्कि विश्व की खेल राजधानी बनाना है। हर गांव में खेल का मैदान बनाने और हर युवा को अवसर देना है, जिसमें खेल के प्रति ललक है। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को सेक्टर-3 के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में राज्यस्तरीय खेल महाकुंभ-2025 के दूसरे चरण का उद्घाटन के अवसर पर कही। इस मौके पर खेल मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे।
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सीएम ने कहा कि खेल महाकुंभ की शुरुआत हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष 2017 में की गई थी। तब से अब तक पांच खेल महाकुंभों का आयोजन किया जा चुका है। गत 2 अगस्त से 4 अगस्त तक चले खेल महाकुंभ के पहले चरण में 26 खेलों में प्रदेश के कुल 15 हजार 410 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इस दूसरे चरण में 9959 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह प्रतिस्पर्धा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाएगी।
इस मौके पर विधायक जगमोहन आंनद और रणधीर पनिहार, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, जिला अध्यक्ष अजय मितल, खेल विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क, महानिदेशक संजीव वर्मा, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, एसडीएम चंद्रकांत कटारिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और खिलाड़ी उपस्थित थे।
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31 प्रशिक्षकों को 3.56 करोड़ रुपये की राशि देकर सम्मानित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गत वर्ष पेरिस में हुए पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले हरियाणा के आठ खिलाड़ियों को 42 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 स्वर्ण पदक और 3 रजत पदक अर्जित किए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षकों को 3.56 करोड़ रुपये की राशि देकर सम्मानित किया। उन्होंने कार्यक्रम में हरियाणा के उत्कृष्ट खिलाड़ियों, राष्ट्रीय खेल-2025 के स्वर्ण पदक विजेताओं, 75 उत्कृष्ट खेल नर्सरियों के इंचार्ज और खेल विभाग के 75 उत्कृष्ट कोच को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
2036 के ओलंपिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। सीएम ने कहा कि इस समय प्रदेश में 1 हजार 489 खेल नर्सरियां कार्यरत हैं। इनमें 37 हजार 225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन नर्सरियों में नामांकित 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1500 रुपये व 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं खेल नर्सरी प्रशिक्षकों को 25 हजार रुपये तक मानदेय भी दिया जा रहा है। इसके अलावा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021 बनाये हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाए गये हैं।
प्रतिस्पर्धाएं प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाएंगी

खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि खेल महाकुंभ 2025 के दूसरे चरण में 9959 खिलाड़ी तीन दिनों तक 17 विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में अपना दमखम दिखाएंगे। यह प्रतिस्पर्धा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाएंगी। हरियाणा की खेल नीति देश में सर्वश्रेष्ठ है। खिलाड़ियों के परिश्रम और हरियाणा की खेल नीति का ही परिणाम है कि आज हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
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