एक साल के लिए शहर का और डंपिंग ग्राउंड का कचरा भेजा जाएगा बाहर, कई बार हुआ था विरोध प्रदर्शन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। लंबे समय के इंतजार के बाद अब शहर के लोगों को कूड़े-कचरे की समस्या से निजात मिल सकेगी। शहर से रोजाना निकलने वाले कूड़े और डंपिंग ग्राउंड के कचरे को अंबाला के पटवी में डाला जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हाईपाॅवर कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया है। एक साल तक शहर का कचरा अंबाला भेजा जाएगा। सेक्टर-23 सहित घग्गर पार सेक्टरों के निवासियों को बदबू से राहत मिलेगी। इस निर्णय के बाद शहर में अब कहीं पर कूड़ा एकत्रित नहीं किया जाएगा। डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित होने के बाद 6 एमआरएफ सेंटरों से कचरे को ट्राले में भरकर सीधा पटवी भेजा जाएगा। यह कार्य पूजा कंसुलेशन कंपनी द्वारा किया जाएगा।
प्रदेश सरकार के इस फैसले से घग्गर पार के छह सेक्टरों (सेक्टर-23, 24, 25, 26, 27, 28) को रोजाना के कूड़े की बदबू से राहत मिल जाएगी। इस समस्या से लोग करीब 18 साल से परेशान हैं। बरसात के दिनों में लोगों का बदबू के चलते घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। इसकी शिफ्टिंग को लेकर घग्गर पार के लोगों ने कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया है। पिछले साल नवंबर में तीन दिन तक झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड के बाहर लोगों ने टेंट लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों को जल्द कूड़े की बदबू से राहत दिलाने का आश्वासन दिया था।
महापौर ने किया फैसले का स्वागत
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के फैसले का नगर निगम के महापौर ने स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि वर्षों पुराने पड़े लीगेसी वेस्ट को खत्म करने के लिए टेंडर अलॉट होने वाला है। पंचकूला नगर निगम डंपिंग ग्राउंड से पुराने कचरे के निपटान के लिए वर्क ऑर्डर एक दो दिन में जारी कर देगी। लीगेसी वेस्ट को उठाने के लिए चार कंपनियों ने टेंडर के लिए बोली लगाई और तीन वैध मिलीं। अब 670 रुपये प्रति टन से कूड़े का निस्तारण होगा। इससे पहले नगर निकाय ने कचरा निपटान के लिए 1052 रुपये प्रति टन के हिसाब से एक कंपनी को लगाया था, लेकिन योजना को लागू नहीं किया जा सका।
सेक्टर-23 कचरे से मिलेगी राहत
पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल ने बताया कि सेक्टर-23 डंपिंग ग्राउंड साइट से कचरे के ढेर से लोगों को छुटकारा दिलाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। इससे तीन सेक्टर के निवासियों को राहत मिलेगी। परियोजना के तहत प्रतिदिन 2,000 से 3,000 टन कचरा उठाया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड में करीब चार लाख टन कचरा है। चयनित एजेंसी पूजा कंसुलेशन को आवंटन के नौ माह से एक साल तक पूरे कचरे का निस्तारण करना होगा। 18 साल से घग्गर के आसपास रहने वाले लोग डंपिंग ग्राउंड को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। शहर से एकत्रित कचरा पहले यहां डाला जाता था, बाद में झूरीवाला कचरा डंपिंग और प्रोसेसिंग ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया जाता था।
वर्ष 2021 में कोर्ट गए थे लोग
झुरीवाला डंपिंग ग्राउंड के विरोध में स्थानीय लोगों ने वर्ष 2021 में अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में केस लड़ रहे एडवोकेट प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अब तक इस मामले में सात से आठ सुनवाई हो चुकी हैं। आगामी सुनवाई 24 अप्रैल को होनी है। पिछले सुनवाई में अदालत ने आदेश दिया था कि नगर निगम यह एफिडेविट दे कि झुरीवाला में अब कचरा नहीं डाला जा रहा है।