चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की रविवार को हुई राज्यस्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि अगर परिवहन विभाग ने 18 अप्रैल तक 6 डिपुओं के आउटसोर्स मुलाजिमों और नए भर्ती 28 ड्राइवरों का वेतन जारी नहीं किया तो 19 अप्रैल को पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के डिपो बंद करके प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।यूनियन के संस्थापक कमल कुमार और प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल के नेतृत्व में हुई बैठक में परिवहन विभाग द्वारा कर्मचारी विरोधी नीतियों को जारी रखने, कई साल से लंबित मांगों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया गया। इस मौके पर ज्वाइंट सेक्रेटरी जलौर सिंह, जोध सिंह, उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि बीते समय के दौरान सरकार के साथ हुई बैठकों में जिन मांगों को स्वीकार कर लिया गया था, उन्हें भी परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने लागू नहीं किया है। उच्चाधिकारियों के इस रवैये और राज्य सरकार के खिलाफ 24 अप्रैल को जालंधर में प्रेस कांफ्रेंस करके विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने मुलाजिमों की स्वीकार हुई मांगों को लागू नहीं किया तो 26 अप्रैल को जालंधर में विरोध प्रदर्शन करके शहर में जाम लगाया जाएगा।
महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों, उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की, गुरप्रीत सिंह पन्नू और प्रदीप कुमार ने कहा कि बसों में मुफ्त यात्रा के चलते सवारियां ओवरलोड होने से काफी परेशानी हो रही है। वहीं, कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है। वर्कशाप में स्पेयर पार्ट व टायरों की अनुपलब्धता के कारण अनेक डिपुओं में बसें खड़ी हो चुकी हैं लेकिन विभाग के अधिकारी इस ओर से ध्यान नहीं दे रहे।