चंडीगढ़। अवैध हिरासत से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान यह सामने आने पर कि पंचकूला सेक्टर 16 पुलिस चौकी में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि सरकार द्वारा प्रदेश में सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कहने के बावजूद ऐसा क्यों हुआ कि चौकी में कैमरे मौजूद नहीं थे।
पंचकूला निवासी याचिकाकर्ता सत्यवान ने 17 साल के बेटे को 8 जुलाई की रात पुलिस द्वारा अवैध तरीके से उठाने का आरोप लगाते हुए उसे छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर चौकी की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया था। जवाब में हाईकोर्ट को बताया गया था कि पुलिस ने याचिकाकर्ता के बेटे को सेक्टर-16 की पुलिस चौकी में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे सेक्टर 14 पुलिस स्टेशन ले जाया गया और अदालत में पेश कर हिरासत में रखा है। यह भी बताया गया था कि सेक्टर-16 पुलिस चौकी में सीसीटीवी कैमरे नहीं है। हाईकोर्ट ने सेक्टर-16 पुलिस चौकी में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की बात पर कहा कि हरियाणा सरकार ने दो वर्ष पहले बताया था कि सभी थानों और सीआईए स्टाफ के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। अब कैसे यह कहा जा रहा है कि पुलिस चौकी में सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था।
कोर्ट के इस सवाल के जवाब देने के लिए सरकार ने एक महीने की मोहलत मांगी। साथ ही इस दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि आदेश जारी कर थाने में पहुंचते ही वारंट अफसर को दर्ज शिकायत की कापी देने को कहा गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से अवैध हिरासत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आदेश दिया कि जब भी वारंट ऑफिसर पहुंचे तो उसे डीडीआर की कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। अगर अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह समझा जाएगा कि डीडीआर दर्ज ही नहीं की गई है।