मोरनी। ब्लॉक की बालोटी पंचायत के मुहास गांव में पॉल क्राप सफेदे के पेड़ों की कटाई करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन विभाग ने भारत सरकार के पीएलपीए के नियमों की अनदेखी कर यह मंजूरी दी है। इससे पारिस्थितिक संतुलन पर खतरा मंडराने लगा है। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शनिवार को शिकायत दी है। इस मामले को लेकर वन अधिकारी विशाल कौशिक ने बताया कि सूचना मिलने पर औचक निरीक्षण किया तो मुआस गांव में 290 ही पेड़ कटे मिले। इस मामले को जांच की जा रही है। यह सभी पेड़ निजी भूमि पर लगे थे। जमीन के मालिक ने इन पेड को कटवाया है। टीम अब इसकी जांच कर रही है।
अधिक पेड़ों की कटाई का आरोप
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि यह मामला वन संरक्षण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करता है। शिकायत में 2000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई का जिक्र किया गया है, जो मंजूरी से अधिक बताई जा रही है। शिकायत की एक प्रति हरियाणा सरकार के वन मंत्री, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), एंटी करप्शन ब्यूरो के एडीजी और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग ने नहीं दी मंजूरी
मुआस गांव की जमीन से सफेदा के पेड़ाें को काटने की कोई मंजूरी नहीं दी गई है। पॉल क्रॉप सफेदा और पापुलर जैसे पेडों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी जरूरत नहीं होती है। पेड़ कटाई की जानकारी होने पर मौके पर टीम को भेजकर जांच करवा रहे हैं। अगर ऐसे होता है दोषी के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। - विशाल कौशिक, वन मंडल अधिकारी, मोरनी पिंजौर