हेलीकॉप्टर से दूल्हा शेखर कैथल से दुल्हन शालू को ब्याह का लाया।
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रायपुररानी। पंचकूला के गांव मौली से एक व्यवसायी एवं समाजसेवी के बेटे की बरात जिला कैथल में हेलीकॉप्टर से रवाना हुई, जिसे देखने क्षेत्र से भी भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान दूल्हे वालों ने दहेज न लेकर एक रुपया और शगुन का नारियल लेकर अन्य सभी लोगों के लिए मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार, गांव मौली से गोपाल राणा के बेटे शेखर की शादी कैथल जिले के गांव बात्ता में सतीश राणा की बेटी शालू के साथ सोमवार को हुई। धूमधाम से बरात की रवानगी हेलीकॉप्टर से की गई। दूल्हे के पिता गोपाल राणा ने बताया कि बेटे के जन्म से ही सपना था कि बेटे की बरात हेलीकॉप्टर में लेकर जाएंगे। इसके ही अनुसार दिल्ली से हेलीकॉप्टर को बुक किया व सभी प्रशासनिक मंजूरी के बाद बरात भी समय पर चली।
वहीं, इस पूरे कार्य में प्रशासन के कई विभागों की मंजूरी में भी सभी अधिकारियों ने पूरी मदद कर इस सपने को पूरा करने में सहयोग किया। गांव बात्ता में बरात लेकर पहुंचे दूल्हा पक्ष ने दोनों गांवों के पंचायती लोगों के बीच समारोह में स्वर्ण आभूषण व नकदी की थाल सहित अन्य सामान को न लेने का प्रण कर दुल्हन को पूरे रीति रिवाज के साथ स्वीकार कर सभी परिवारों का मान बढ़ाया।
दहेज न लेने की ली थी शपथ
दूल्हा बने शेखर चौहान ने हेलीकॉप्टर से बारात में जाने पर खुशी का इजहार करते हुए इसका श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने सगे संबंधियों व गांववालों को भी दिया। शेखर ने युवाओं से शादी में दहेज न लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि काई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी में किसी कार्य का दृढ़ संकल्प करे तो भगवान भी वह इच्छा पूरी करता है। शेखर व उसके माता पिता ने अपने परिवार के बीच ली शपथ को मानते हुए दहेज में महज एक रुपया व शगुन के रूप में नारियल लेते हुए सर्व समाज के लोगों के लिए संदेश देते हुए लड़का लड़की एक सामान के नारे लगाए।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
गांव मौली में स्थानीय युवक की बारात के लिए पहली बार पहुंचे हेलीकॉप्टर को देख ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। बिना दहेज के शादी करने पर गांव मौली सहित अन्य गांवों के लोगों ने गोपाल राणा को कई बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी।