पंचकूला के जिन गांव में जल संकट है अब वहां पानी के लिए नियमित रूप से टैंकर जाएंगे। यह आदेश पंचकूला की उपायुक्त गरिमा मित्तल ने दिए हैं। उपायुक्त मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला अधिकारी बोर्ड की मासिक बैठक में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा कर रही थीं।
उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से पानी के संबंध में जानकारी हासिल की। अधिकारी ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 220 और शहरी क्षेत्र में 25 ट्यूबवेल हैं, जिनसे प्रतिदिन लोगों को पानी सप्लाई किया जाता है। उपायुक्त ने अलग-अलग क्षेत्रों में पानी के सैंपल भरकर चेक के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक पर अपनी हाजिरी अवश्य दर्ज करें। जनहित योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएं। सभी विभाग समयबद्ध विकास कार्य करें।
उन्होंने सीएम द्वारा विकास रैली के दौरान की गई घोषणाओं की फिजिबिलिटी और इस पर हो रही विभागीय कार्रवाई के बारे मेें जानकारी ली। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर फूड सैंपल अवश्य लें। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मिड-डे-मील की लगातार चेकिंग करें। स्कूल भवनों की रिपोर्ट तैयार करें।
18 लाख पौधे लगाए जाएंगे पंचकूला में
जिला वन अधिकारी रोहताश ने बताया कि बारिश के मौसम में जिला में 1746 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 18 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बांधों की निर्माण और हर्बल हब का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि वह सिटी फारेस्ट की संभावनाओं की तलाश करें तथा नगर निगम ऐसे क्षेत्र चिन्हित करे, जहां हरियाली बढ़ाने केे उद्देश्य से और पेड़-पौधे लगाए जा सकें। बैठक में इसके अलावा आयुर्वेद, नगर निगम, खाद्य एवं पूर्ति, उप आबकारी एवं कराधान, हुडा डिवीजन नंबर 1,2,3, समाज कल्याण, कल्याण विभाग, रैडक्रास, श्रम विभाग, पशुपालन, मछली पालन विभाग इत्यादि के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, एसडीएम पंचकूला राधिका सिंह, कालका आशुतोष राजन, क्षेत्रीय परिवहन सचिव अमरजीत सिंह, संपदा अधिकारी हुडा मनीश लौहान, एसीपी दिलीप बिश्रोई, जिला राजस्व अधिकारी धीरज चहल सहित सभी विभागों के अधिकारी शामिल थे।