मुख्यमंत्री ने ग्राम संरक्षण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शमशानघाटों, आंगनवाड़ी केंद्रों, व्यायामशालाओं, स्कूलों व परिवार पहचान पत्र इत्यादि के कार्यों का सप्ताह में अवकाश वाले दिन या कार्यालय से छुट्टी के बाद अवलोकन करें।
ग्राम संरक्षक योजना के तहत आबंटित कार्यों की निगरानी के लिए अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीएम कार्यालय में एक अलग से प्रकोष्ठ बनाने के आदेश दिए हैं। यह प्रकोष्ठ अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए गांवों की फीडबैक रिपोर्ट लेगा और विश्लेषण करेगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ग्राम संरक्षण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के दौरान अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि वे शमशानघाटों, आंगनवाड़ी केंद्रों, व्यायामशालाओं, स्कूलों व परिवार पहचान पत्र इत्यादि के कार्यों का सप्ताह में अवकाश वाले दिन या कार्यालय से छुट्टी के बाद अवलोकन करें। ग्राम विकास कार्यों की मॉनिटरिंग विकास एवं पंचायत विभाग भी करता है।
गांवों में मौत की सूचना चौकीदार देगा
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गांव में हुई मौतों की सही सूचना गांव के चौकीदार को देनी होगी और संबंधित सभी विभाग संयुक्त रूप से इसका रिकॉर्ड अपडेट करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम दर्शन व नगर दर्शन पोर्टल से अलग सीएम विंडो की तरह मुख्यमंत्री कार्यालय में यह प्रकोष्ठ कार्य करेगा और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर इसकी निगरानी की जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 5 आयु वर्ग के बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
विज्ञापन
अधिकारी आवंटित गांव में ये कार्य पूर्ण देखरेख के साथ करें और अंकों के आधार पर आकलन रिपोर्ट तैयार कर गांव की रैंकिंग करें। परिवार पहचान पत्र में दिव्यांग वाले कॉलम में जन्म से हुई अन्य गंभीर बीमारियों का भी उल्लेख करें। बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, मानव संसाधन विभाग के विशेष सचिव डॉ. आदित्य दहिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।