पंचकूला। शहर में अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम अब वेंडिंग व्यवस्था को ऑनलाइन करने जा रहा है। पुराने सर्वे के आधार पर वेंडरों को जगह देने के बजाय अब ऑनलाइन पोर्टल पर नया पंजीकरण और सत्यापन होगा। साथ ही सेक्टर-12ए और सेक्टर-8 में नए वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। यहां निगम की सूची में पहले से दर्ज और जरूरतमंद वेंडरों को सत्यापन के बाद जगह दी जाएगी।
शहर में करीब पांच साल से नया सर्वे नहीं हुआ है। इस वजह से पुराने रिकार्ड और मौजूदा स्थिति में अंतर बढ़ गया है। कई वेंडर तय जगह के बजाय दूसरी जगहों पर बैठे हैं। वहीं कुछ ने आवंटित जगह पर टिन शेड लगाकर उसे पक्की दुकान का रूप दे दिया है। निगम ऐसे मामलों की जांच कर कार्रवाई करेगा।
दूसरी ओर बाजारों में दुकानदारों की ओर से फुटपाथ और कॉरिडोर पर किए गए अतिक्रमण के कारण भी लोगों को परेशानी होती है। निगम का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से शहर में कितने पंजीकृत वेंडर सक्रिय हैं और कितने बिना अनुमति काम कर रहे हैं, इसका सही रिकार्ड तैयार हो सकेगा।
दो सेक्टरों में बनेंगे वेंडिंग जोन
मेयर श्याम लाल बंसल ने बताया कि सेक्टर-12ए और सेक्टर-8 में वेंडिंग जोन बनाने की मांग काफी समय से चली आ रही है। दोनों सेक्टरों में जगह तलाशकर जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जरूरत के अनुसार आगे अन्य स्थानों पर भी वेंडिंग जोन बनाए जा सकेंगे। सत्यापन के बाद सूची में दर्ज वेंडरों को इन जोन में जगह दी जाएगी।
ऑनलाइन होगा नया पंजीकरण
पहले चरण में घूम-घूमकर सामान बेचने वाले रेहड़ी और साइकिल वाले वेंडरों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। सत्यापन के बाद उन्हें पहचान पत्र जारी होंगे। इसके बाद स्थिर वेंडरों को भी इसी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि पुराना सर्वे काफी पहले हुआ था। अब ऑनलाइन पंजीकरण से वास्तविक स्थिति का पता चलेगा। इससे डुप्लीकेट पंजीकरण, फर्जी नाम और वेंडिंग साइट आगे किराये पर देने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लग सकेगी। निगम के अनुसार कई आवंटित साइटें खाली पड़ी हैं और वेंडर अनधिकृत जगहों पर बैठे हैं। कुछ वेंडरों ने टिन शेड लगाकर अपनी जगह को दुकान में बदल लिया है। ऐसे मामलों का सर्वे कर कार्रवाई की जाएगी।