पंचकूला। स्कूलों में सुबह की सभा में वीरवार को वीर बाल दिवस मनाने को लेकर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी मुहैया करवाई गई। कुछ स्कूलों में पेंटिंग, निबंध लेखन, कविता, कहानी वाचन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सतपाल कौशिक ने बताया कि जिले के सभी स्कूलों में वीर बाल दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन कर दिवस की विस्तृत जानकारी दी गई। वीर साहिबजादों के शहीदी दिवस को हर वर्ष वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
उन्होंने बताया कि अब हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार के सभी सदस्यों ने एक ही सप्ताह 20 से 27 दिसंबर 1704 में धर्म और आम जन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की शहादत को दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी शहादत माना जाता है। उनकी कुर्बानियां देश, धर्म और समाज की रक्षा के लिए थीं। उन्होंने मानव मात्र के लिए सत्य, न्याय और धर्म का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में वीर बाल दिवस के माध्यम से स्कूली बच्चों को इस बारे में जानकारी दी गई।